आगरा के इनररिंग रोड स्थित टोल प्लाजा पर शनिवार तड़के टोलकर्मियों से मारपीट और हवाई फायरिंग किए जाने के मामले में पुलिस ने आरोपी सांसद राम शंकर कठेरिया और उनके समर्थकों के खिलाफ पुलिस ने कारवाई नहीं की है।
इस मामले में तहरीर देने वाले तीन टोलकर्मी दहशत में बताए गए हैं। वे रविवार को ड्यूटी पर नहीं आए। उनके मोबाइल फोन भी स्विच ऑफ मिले। टोल प्लाजा पर भाजपा नेताओं की गाड़ियां नजर आईं। बताया जा रहा है कि मामला वापसी के लिए टोल अफसरों पर दबाव बनाया जा रहा है।
टोल प्लाजा के शिफ्ट इंचार्ज अनुपम सिंह ने शनिवार को कठेरिया और अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। इसके बाद से ही अनुपम सिंह सहित टोलकर्मी सैय्यद नाजिम और राजेश गाइके ने बताया था कि सांसद और उनके समर्थकों ने उन्हें पीटा।
तीनों टोल कर्मी नहीं आए ड्यूटी पर
ये तीनों सांसद के खिलाफ तहरीर दिए जाने के बाद ही शनिवार दोपहर को स्टाफ के अन्य सदस्यों को बिना कुछ बताए चले गए थे। अनुपम सिंह इलाहाबाद, राजेश गाइके महाराष्ट्र और सैय्यद नाजिम गुजरात का रहने वाला बताया जा रहा है।
टोल प्रबंधक अरविंद सिंह ने कहा कि टोल प्रकरण के बाद से तीन कर्मचारी कहीं चले गए हैं। इनके मोबाइल फोन भी बंद जा रहे हैं। इनसे हमारा कोई संपर्क नहीं हो पा रहा।
सूत्रों के अनुसार, कठेरिया के खिलाफ मुकदमा लिखवाने के बाद ही कुछ लोगों ने इन टोलकर्मियों को कहीं चले जाने के लिए धमकाया था। इसका ऑडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है।
मैनेजर ने सांसद को क्लीन चिट दी
टोल प्लाजा पर हुए मारपीट के मामले में पुलिस की जांच किसी नतीजे पर पहुंचने से पहले ही टोल कंपनी खलटकर कंस्ट्रक्शन के असिस्टेंट मैनेजर महिपाल ने सिंह ने एसएसपी को पत्र भेजकर कहा है कि सांसद रामशंकर कठेरिया ने टोलकर्मियों से मारपीट नहीं की।
एसपी पश्चिम रवि कुमार ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज देखे जा रहे हैं। अज्ञात बताए आरोपियों की अभी पहचान नहीं हो पाई है। सांसद की तरफ से मिले शिकायती पत्र को जांच में शामिल कर लिया है।
सांसद डॉ रामशंकर कठेरिया का कहना है कि समझौते के लिए दबाव बनाने और धमकाने के आरोप निराधार हैं। धमकाने के लिए जिस फोन नंबर से कॉल आई होगी, उसके खिलाफ उन्हें मुकदमा दर्ज कराना चाहिए। मैं रविवार को दिनभर इटावा में विभिन्न कार्यक्रमों में व्यस्त रहा।