जल संकट से जूझ रहे मथुरा के जलाशय अब जल मंदिर कहलाएंगे। जल संकट व खारे पानी से उभारने को किए जा रहे प्रयासों को लेकर सांसद हेमा मालिनी के सुझाव पर जलाशयों को यह नाम दिया जा रहा है। अब पंचायती राज विभाग ने इसका प्रस्ताव शासन को भेज दिया है।
जल शक्ति मंत्रालय द्वारा जल संचयन नीति के तहत पंचायती राज विभाग 516 ग्राम पंचायतों में 11 सौ जलाशयों की खोदाई कराना प्रस्तावित है। इसमें 200 जलाशय की खोदाई पूरी हो चुकी है और 700 पर काम चल रहा है। 200 से अधिक जलाशय पांच हेक्टेयर से अधिक आकार के हैं।
गांवों में आबादी के हिसाब से खोदाई कराकर जलाशयों को बड़ा किया जा रहा है। प्रशासन की मंशा है कि मथुरा जल संकट से उबरे और खारी पानी को मीठे पानी में बदला जाए। इसे लेकर हर गांव में दो जलाशय की खोदाई कराई जा रही है। इसमें एक मनरेगा योजना से तो दूसरा जेसीबी मशीन से खोदे जा रहे हैं।