जब मामले ने तूल पकड़ा तो भाजपा विधायक बैकफुट पर आ गए। उन्होंने कहा कि किसान अपनी समस्याएं लेकर एसडीएम के पास गए थे, लेकिन एसडीएम उनकी समस्या सुनने की बजाय उनसे कठोरता से बात करने लगीं।
चौधरी उदयभान सिंह ने सफाई देते हुए एसडीएम किरावली गरिमा सिंह को बेटी के समान बताया। कहा कि मैं मानता हूं कि मैंने उन्हें डांटा, लेकिन वो बेटी के समान हैं। उन्हें डांटना भी बिल्कुल वैसा ही था, जैसे मैं बेटी को डांटता हूं।