फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

विधायक बोले: यमुना में बहा रहे, जनता को नहीं दे रहे 'गंगाजल', मुख्यमंत्री को भेजेंगे रिपोर्ट

Tue, 21 Jan 2020 04:21 PM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
विज्ञापन
वाटर वर्क्स पर भाजपा विधायक - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
आगरा में गंगाजल की आपूर्ति का उद्घाटन करने वाले भारतीय जनता पार्टी के विधायक योगेंद्र उपाध्याय, पुरुषोत्तम खंडेलवाल और राम प्रताप सिंह चौहान सोमवार को जीवनी मंडी वॉटरवर्क्स में यह देखकर हैरान रह गए कि गंगाजल को यमुना में बहाया जा रहा है। 
विज्ञापन


लोगों को दूषित यमुना जल की सप्लाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि यह शहर की जनता से साथ क्रूर मजाक है, प्रोजेक्ट को बदनाम करने की साजिश है, इसकी रिपोर्ट बनाकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और नगर विकास मंत्री आशुतोष टंडन भेजी जाएगी।

आगरा दक्षिण के विधायक योगेंद्र उपाध्याय ने बताया कि शीशे की तरह साफ पानी वॉटरवर्क्स को मिल रहा है। इसी पानी की सिकंदरा वॉटरवर्क्स शहर में सप्लाई कर रहा है लेकिन जीवनी मंडी के अधिकारी किसी और एजेंसी से इस जल का परीक्षण कराने का बहाना बना रहे हैं। 
विज्ञापन

ये ही अधिकारी शहर में यमुना के पानी की सप्लाई कर रहे हैं। रोज शिकायतें आ रही हैं कि दूषित पानी की सप्लाई की जा रही है। विधायकों ने 15 जनवरी को गंगाजल सप्लाई के लिए चक्का घुमाया था। 

अगर वॉटरवर्क्स की पहले से तैयारी होती तो 16 को शहर को गंगाजल मिल जाता। 16 को जल निगम के अफसरों ने कहा कि लाइनों की सफाई, फ्लशिंग टेस्टिंग के लिए दो दिन और चाहिए। योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि तब भी 18 को हर हाल में शहर को गंगाजल मिल जाना चाहिए था।

प्रोजेक्ट अफसर बोले, गंगाजल की कमी नहीं

विधायकों ने गंगाजल प्रोजेक्ट के अफसरों से भी जानकारी ली। प्रोजेक्ट के अधिकारी शैलेष पांडे ने बताया कि अभी वॉटरवर्क्स को 40 एमएलडी गंगाजल दिया जा रहा है। इसकी सप्लाई 15-15 एमएलडी बढ़ाई जा सकती है। गंगाजल की कोई कमी नहीं है। जैसे जैसे सप्लाई बढ़ेगी, उपलब्धता 200 एमएलडी तक करा दी जाएगी।
विज्ञापन

'अफसरों का रवैया जनता के साथ क्रूर मजाक'

विधायक योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि जो जल निगम में यमुना के गंदे पानी की सप्लाई कर रहा है, वह गंगाजल के लिए बहाना बना रहा है कि पहले इसकी टेस्टिंग होगी कि यह पीने योग्य है या नहीं, यह तर्क समझ से परे हैं, अफसरों का रवैया जनता के साथ क्रूर मजाक है, इसकी रिपोर्ट मुख्यमंत्री और नगर विकास मंत्री को दी जाएगी। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें