मिशन 2018 की तैयारियों की समीक्षा के लिए पांच जुलाई को आगरा आ रहे भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह लोकसभा टिकट के दावेदारों का दमखम भी परखेंगे। इसके लिए शक्ति प्रदर्शन नहीं कराया जाएगा। संगठन के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों से रिपोर्ट ली जाएगी। खासतौर से सामाजिक क्षेत्र में उनकी सहभागिता पर फोकस किया जाएगा। इसके अतिरिक्त भाजपा अपने सांसदों की परफॉरमेंस के बारे में सर्वे भी करा रही है। इसकी रिपोर्ट भी टिकट मिलने और कटने में अहम रहेगी।
अमित शाह यूपी के दौरे पर आ रहे हैं। चार जुलाई को अवध क्षेत्र के संगठन की समीक्षा करेंगे। पांच को ब्रज का नंबर है। यह क्षेत्र लंबे समय तक बसपा और सपा का गढ़ रहा है, लेकिन पिछले विधान सभा और लोकसभा चुनाव में भगवा ध्वज लहराया है। अब सपा और बसपा का गठबंधन हुआ तो भाजपा हर कदम फूंक फूंककर रखना चाहती है।
पार्टी के उच्च पदस्थ सूत्रों का कहना है कि शाह कार्यकर्ताओं से सांसदों और टिकट दावेदारों के बारे में फीडबैक लेंगे। शाह की टीम पहले ही आगरा में डेरा डाल देगी। वह तमाम जानकारी जुटाकर उनको मुहैया कराएगी।
ब्रज क्षेत्र में आने वाली 13 लोकसभा सीटों में से तीन सपा के पास हैं। ये हैं फिरोजाबाद, मैनपुरी और बदायूं। इन पर टिकट दावेदार अभी से सक्रिय हो गए हैं। इनके अतिरिक्त भाजपा सांसद वाली सीटों पर सांसद को टिकट के लिए चुनौती मिल रही है। आगरा में भी दोनों सीटों पर टिकट के दावेदार दमखम दिखा रहे हैं। इन्होंने अभी तक खुलकर दावा नहीं किया है लेकिन अपनी बात हाईकमान तक पहुंचाने का कोई मौका नहीं चूक रहे। आगरा में एक दावेदार ने हाल ही में शक्ति प्रदर्शन किया है। फतेहपुर सीकरी में दो दावेदार सक्रियता दिखा रहे हैं।