फिल्म निर्माता निर्देशक रोहित शेट्टी के जुहू, मुंबई स्थित घर पर 31 जनवरी की रात फायरिंग हुई थी। इस मामले में मुंबई क्राइम ब्रांच एवं यूपी एसटीएफ के हत्थे चढ़े मुख्य शूटर बाह के बिजौली का दीपक शर्मा और जतिन भारद्वाज मौसेरे भाई हैं। एसटीएफ के मुताबिक, दीपक शर्मा विदेश में बैठे हरि बॉक्सर के संपर्क में था। उसी ने रोहित शेट्टी के घर पर फायरिंग कराई थी। वारदात के पीछे शुभम लोनकर गिरोह का हाथ है। बिजौली के ही सनी और सोनू दीपक के साथी हैं। उन्होंने घर के बाहर रेकी की थी। गांव के रितिक यादव ने दीपक और उसके साथियों की छिपने में मदद की थी। गिरफ्त में आए सभी बदमाश लॉरेंस विश्नोई गैंग के नेटवर्क से जुड़े हुए हैं। एसटीएफ की पड़ताल में सामने आया है कि शार्प शूटर दीपक सहित अन्य को सिग्नल एप पर ही संदेश मिला था। इसके बाद ही दीपक गोलियां बरसाने पहुंचा था।
मेरा बेटा गलत काम नहीं कर सकता
दीपक और जतिन को 15 फरवरी को मुंबई क्राइम ब्रांच एवं यूपी एसटीएफ ने गिरफ्तार किया था। संतोष थाने में पहुंची थी और बेटे को पकड़े जाने की वजह पूछी। मगर थाने से कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। विद्यावती को यकीन नहीं कि बेटा ऐसा काम कर सकता है? उनका कहना था कि बेटा बड़ा होकर अच्छा काम करना चाहता था, जिससे परिवार की हालत सुधर सके। मगर पिता की मौत के बाद हालत से वो काम करने के लिए मजबूर हो गया। कम उम्र में ही नौकरी करने लगा। परिवार की हालत का हवाला देकर कहा कि गलत काम करता तो उन्हें दूसरों के यहां पर नौकरी क्यों करनी पड़ती? बहन की हालत भी अच्छी नहीं है, वह बेटों के सहारे जिंदगी काट रही है।