मंदिर में एक एकाउंटेंट की भी नियुक्ति की गई है। वहीं यह भी निर्णय लिया गया है कि मंदिर की बहुमूल्य वस्तुओं को पंजाब नेशनल बैंक के लॉकर में रखा जाएगा और भारतीय स्टेट बैंक, केनरा बैंक, पंजाब नेशनल बैंक व एचडीएफसी बैंक के खातों में ही लेनदेन होगा। वहीं बैंक ऑफ बड़ौदा, इंडियन ओवरसीज बैंक, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, यूको बैंक, यूनियन बैंक, इंडियन बैंक, बैंक ऑफ महाराष्ट्रा एवं आईसीआईसीआई बैंक में पूर्व से जमा धनराशि को आहरित किया जाएगा। इसके अलावा सात बैनामों का अनुमोदन हुआ और अन्य पर चर्चाएं की गईं। उनको दी जाने वाली सुविधाओं के बारे में चर्चाएं हुईं।
अध्यक्ष बोले, हाईकोर्ट ने खारिज की याचिका
अध्यक्ष अशोक कुमार ने बताया कि पूर्व में समय को लेकर कुछ लोगों ने हाईकोर्ट की शरण ली थी। वहां एक पीटिएशन दाखिल की गई थी। इसमें गोस्वामी बंधुओं द्वारा कई प्रकार के आरोप लगाए गए थे, लेकिन कोर्ट ने उनकी पीटिएशन को खारिज कर दिया है। अब कमेटी के निर्धारित समय का पालन करना चाहिए।
बैठक में यह रहे मौजूद
बैठक में कमेटी के सदस्य रिटायर्ड जिला जज मुकेश मिश्रा, जिला जज विकास कुमार, सचिव डीएम चंद्र प्रकाश सिंह, नगर आयुक्त जग प्रवेश, एमवीडीए की उपाध्यक्ष लक्ष्मी एन, राजभोग समूह से शैलेंद्र गोस्वामी एवं श्रीवर्धन गोस्वामी, शयनभोग समूह से दिनेश कुमार गोस्वामी और विजय कृष्ण गोस्वामी (बब्बू) आदि मौजूद रहे।
मंदिर में सेवाधिकारी के पांच साथी रहेंगे
श्री बांकेबिहारी मंदिर के अंदर श्रद्धालुओं को किसी प्रकार से परेशानी न हो इस बात पर विशेष ध्यान रखा जा रहा है। हाईपावर्ड कमेटी ने यह निर्णय लिया गया है कि अब मंदिर में सेवाधिकारी के साथ पांच सहयोगियों के अलावा अन्य कोई सेवायत मंदिर में खड़ा नहीं रहेगा। सभी लोग बाहर रहेंगे। अध्यक्ष अशोक कुमार ने बताया कि मंदिर में कई सेवायतों के सहयोगी श्रद्धालुओं के हाथ से माला और प्रसाद लेकर चले जाते हैं। वह माला-प्रसाद मंदिर में बिना चढ़ाए ही प्रसाद दे देते हैं। कभी कभी तो मालाएं नीचे पैरों में आती हैं। ऐसे में यह बदलाव किया गया है। अब मंदिर के अंदर सेवाधिकारी के पांच सहयोगी ही जाएंगे और वह ही श्रद्धालुओं के प्रसाद को सेवाधिकारी तक पहुंचाएंगे और हर कोई सहयोगी बन जाए यह अब नहीं चलेगा।
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