आगरा में जोनल कार्यालय पर ही जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र के आवेदन जमा होंगे और 15 दिन की समय सीमा के बाद वहीं से जारी होंगे। इसके लिए नगर आयुक्त निखिल टी फुंडे ने कर्मचारियों की तैनाती करते हुए पासवर्ड भी जारी करा दिए, जिसके बाद दोनों प्रमाणपत्र बनाने की व्यवस्था जोनल कार्यालयों पर ही शुरू कर दी गई है। इससे लोगों का न केवल समय बचेगा, बल्कि 15 किमी तक की दूरी भी बच जाएगी।
कोरोना महामारी में अप्रत्याशित रूप से आगरा में मृतकों की संख्या में बढ़ोतरी हुई। नगर निगम में मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाने वालों की संख्या हर दिन बढ़ी। इससे जोनल कार्यालयों पर नई व्यवस्था शुरू की गई है।
शहर में लोहामंडी, ताजगंज, छत्ता और हरीपर्वत जोन में आने वाले वार्डों के लोग अपने अपने जोनल कार्यालयों में ही मृत्यु प्रमाणपत्र के लिए आवेदन करें और वहीं से प्रमाण पत्र ले सकेंगे। इसके लिए कर्मचारियों को तो तैनात किया ही गया है, सेनेटरी इंस्पेक्टरों को भी सत्यापन की जिम्मेदारी दी गई है, जो जोनल आफिसों में ही तैनात रहेंगे।
दोपहर 2 बजे तक जमा होंगे आवेदन पत्र
जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र बनाने के लिए नगर निगम के चार लिपिक चारों जोन कार्यालयों में तैनात किए गए हैं जो सुबह 10 से दोपहर 2 बजे तक आवेदन लेंगे और उसी दिन उस वार्ड के सेनेटरी इंस्पेक्टर को रिपोर्ट लगाने के लिए देंगे। जोन कार्यालयों पर तैनात चारों लिपिक सुबह 10 से दोपहर 2 बजे तक केवल मृत्यु प्रमाणपत्र के आवेदन प्राप्त करेंगे और एसएफआई का स्थलीय निरीक्षण कर सत्यापन रिपोर्ट मांगेंगे।
प्रमाणपत्र के लिए इनसे करें संपर्क
जोन कार्यालय लिपिक
ताजगंज नीतेश कुमार
छत्ता नितिन कुमार
हरीपर्वत अवधेश गंगोत्री
लोहामंडी विनोद शर्मा
तीन माह में 6060 मृत्यु प्रमाणपत्र जारी
अप्रैल से जून के बीच तीन महीनों के अंदर आगरा नगर निगम ने 6060 मृत्यु प्रमाणपत्र जारी किए हैं। कोरोना की दूसरी लहर में बीते साल के मुकाबले मृत्यु के भयावह आंकड़े हैं। इनमें अप्रैल में 994, मई में 3596 और जून में 1470 मृत्यु प्रमाणपत्र जारी किए गए।
जबकि बीते साल अप्रैल में 86, मई में 529 और जून में 1464 मृत्यु प्रमाणपत्र ही जारी हुए थे। इस तरह बीते साल इसी अवधि में तीन माह में 2079 प्रमाणपत्र जारी किए गए थे। इस बार यह आंकड़ा तीन गुना रहा।