आगरा। बिरसा मुंडा ने अंग्रेजों से आदिवासियों के खेत और जंगलों की रक्षा की। उन्हें मिशनरियों के धर्मांतरण का शिकार होने से बचाया। अंग्रेजों के षड्यंत्र को ध्वस्त किया। उनकी कुर्बानी देश के लिए सच्ची शहादत थी। ये बातें पूर्व सांसद रामशंकर कठेरिया ने कही।
वह जयपुर हाउस स्थित एक फार्म हाउस में बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर आयोजित जनजातीय गौरव सम्मेलन में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि छोटा नागपुर में मिशनरियों के स्कूल थे। बिरसा मुंडा को प्रवेश के समय धर्म परिवर्तन के लिए कहा गया। उन्होंने मात्र सात साल की उम्र में यह शर्त मानने से मना कर दिया था। भाजपा महानगर अध्यक्ष राजकुमार गुप्ता ने कहा कि वह आदिवासी समाज के असली नायक थे।
जिलाध्यक्ष प्रशांत पौनियां ने कहा कि वह अंग्रेजों के अत्याचारों के आगे नहीं झुके। उनके बेटे को अंग्रेजों ने उनकी आंखों के सामने फांसी दे दी थी। इसके बावजूद उन्होंने अपनी लड़ाई जारी रखी। कार्यक्रम में विधायक डॉ. जीएस धर्मेश, अनिल चौधरी, शिवशंकर शर्मा, नवल तिवारी, रामबाबू हरित, निर्मला दीक्षित, हेमंत भोजवानी, रोहित कात्याल आदि मौजूद रहे।