बर्ड रिंगिंग के जरिये ट्रेस होगी चिड़ियों की लोकेशन
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दो से चार दिसंबर तक चंबल सफारी जरार में आयोजित होने वाले अंतर्राष्ट्रीय बर्ड फेस्टिवल में देश-विदेश के पक्षी विशेषज्ञ पक्षियों के पैरों में छल्ला पहनाएंगे। ताकि पक्षियों की लोकेशन और उनके व्यवहार को ट्रेस किया जा सके। कार्यक्रम को कोआर्डिनेट करने वाले दिल्ली के निखिल दिवासर ने बताया कि संकट में पड़े पक्षियों को बचाने पर मंथन के साथ ही बर्ड रिंगिंग का कार्यक्रम खास होगा।
बुधवार की शाम कमिश्नर चंद्रकांत ने चंबल सफारी जरार पहुंचकर आयोजन की तैयारियों का जायजा लिया। वहां अब तक हैलीपैड न बनने पर नाराजगी जताई। देश के दूसरे बर्ड फेस्टिवल में बर्ड वाचिंग, बर्ड रिंगिंग और बर्ड को बचाने पर मंथन के कार्यक्रम होंगे। पहले दिन यूपी सरकार के मंत्री अभिषेक मिश्र, दूसरे दिन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का कार्यक्रम प्रस्तावित है। तैयारियां जोर शोर से चल रही हैं। विचार मंथन हाल, चिड़ियों की गैलरी से लेकर रिहायशी आवास तक का निर्माण शुरू हो गया है। हैलीपैड स्थल, बर्ड फेस्टिवल के ईवेंट स्थल से लेकर रिहायशी स्थल तक का कमिश्नर ने निरीक्षण किया और समय पर काम पूरा करने के निर्देश दिये। इस दौरान यूपी सरकार के सलाहकार आरपी सिंह, एडीएम राजकुमार श्रीवास्तव, पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन प्रभाकर शर्मा, वन संरक्षक विश्वजीत बनर्जी, एसडीएम अरुण कुमार सिंह, तहसीलदार देवेन्द्र सिंह यादव, सीओ एनके चौधरी आदि मौजूद रहे। कार्यक्रम के कोआर्डिनेटर निखिल देवासर ने बताया कि बर्ड वाचिंग, बर्ड रिंगिंग के अलावा स्कूली बच्चों के लिए पेंटिंग, आर्ट गैलरी, फोटोग्राफी प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा।
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हैलीपैड स्थल का किसान ने मांगा मुआवजा
बाह। हैलीपैड स्थल मंगलवार की शाम डीएम गौरव दयाल, एसएसपी डॉ. प्रीतिंदर सिंह ने फाइनल किया था। बुधवार को कमिश्नर के निरीक्षण के दौरान किसान महाराज सिंह के पुत्र दिलीप सिंह ने अपनी धनिया की फसल का वास्ता देकर अन्यत्र हैलीपैड बनाने अथवा फसल का मुआवजा देने की मांग की। उनका कहना था कि पिछली बार भी फसल बर्बाद हो गई थी।