15 घंटे तक कागजात खंगालने के बाद आयकर विभाग को सर्वे में 1.5 करोड़ रुपये की अघोषित आय मिल पाई। फतेहाबाद रोड स्थित गंगारतन डेवलपर पर सर्वे की कार्रवाई सुबह छह बजे खत्म हुई। डेवलपर ने डेढ़ करोड़ रुपये की अघोषित आय सरेंडर कर दी है, वहीं शहर के पांच बड़े बिल्डरों पर भी कार्रवाई की तलवार लटकी हुई है, जिन्होंने यमुना एक्सप्रेस वे और इनर रिंग रोड के पास अपने प्रोजेक्ट हाल में ही तैयार किए हैं।
मंगलवार शाम को आयकर विभाग ने फतेहाबाद रोड स्थित गंगारतन ग्रुप के होटल, एंपोरियम और रियल एस्टेट फर्म पर सर्वे किया, जो बुधवार सुबह छह बजे खत्म हो पाया। 15 घंटे तक संयुक्त निदेशक आयकर जांच अमरेश कुमार तिवारी के निर्देशन में उप निदेशक जांच राजेश गुप्ता और सहायक निदेशक जांच सुरेंद्र कुमार द्वारा की गई कार्रवाई में डेवलपर ने डेढ़ करोड़ रुपये की अघोषित आय सरेंडर कर दी। शहर के बिल्डरों, रियल एस्टेट प्रमोटरों के बीच सर्वे को लेकर हड़कंप मचा रहा।