आगरा में बर्ड फ्लू से निपटने के लिए तैयारियां जोरों पर हैं। पक्षियों के बाहरी आवागमन पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया गया है। संक्रमित पक्षियों से यह रोग सूकर व घोड़ों में सबसे पहले फैलता है। ऐसे में इन जानवरों की निगरानी करने को कहा गया है। जिले से हर रोज 30 सैंपल लिए जाएंगे।
बर्ड फ्लू की रोकथाम और बचाव के लिए बुधवार को विकास भवन में आयोजित टास्क फोर्स की बैठक में तय किया गया कि शहर व देहात में मुर्गे, मुर्गी व चूजे खुले नहीं घूमेंगे। इनके खुले घूमने पर पशुपालक के विरुद्ध कार्रवाई होगी। मुख्य विकास अधिकारी जे. रीभा ने कहा कि पक्षियों के आवागमन (एक स्थान से दूसरे तक ले जाने) पर रोक लगाई गई है। बॉर्डर की चौकियों पर तैनात पुलिस इसकी रोकथाम करे।
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मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी वीएस तोमर ने बताया कि 15 ब्लॉक में तैनात रैपिड रिस्पांस टीमें हर दिन 30 पक्षियों के सैंपल जांच के लिए लैब भेजेंगी। जलीय क्षेत्रों में किसी पक्षी की आकस्मिक मृत्यु की जांच की जाएगी। मृत पक्षियों का पोस्टमार्टम करा कर सही ढंग से निस्तारित किया जाएगा। सीडीओ ने पशुपालन विभाग को बतख व पोल्टी फार्म के साथ बैकयार्ड पोल्ट्री, मीट की दुकानों, पक्षी बाजार में नियमित सर्विलांस करने के निर्देश दिए। टास्क फोर्स बैठक में पशुपालन, वन विभाग, सिंचाई, पुलिस, पंचायत राज समेत आठ विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।