साइबर अपराधियों ने आगरा विकास प्राधिकरण के सहायक इंजीनियर के नाम से फेसबुक पर फर्जी आईडी बना ली। इसके बाद दोस्तों को मैसेंजर से संदेश भेजकर रुपयों की मांग की। इंजीनियर के एक दोस्त ने सात हजार रुपये जमा कर दिए। इसके बाद रकम जमा होने के मैसेज का स्क्रीन शाट व्हाटस एप पर भेजा। इस पर इंजीनियर को जानकारी हुई। उन्होंने दोस्तों को मैसेज करके साइबर अपराधियों के झांसे में नहीं आने के लिए कहा।
दयालबाग के कल्याणी हाइट्स निवासी बृजेश कुमार आगरा विकास प्राधिकरण में सहायक इंजीनियर हैं। बुधवार को फेसबुक पर उनके नाम से फर्जी आईडी बना ली गई। इस पर उनका फोटो भी लगा दिया गया। इसके बाद उनके दोस्तों को दोस्ती के लिए निवेदन भेज दिया। कुछ दोस्तों ने दोस्ती का निवेदन स्वीकार कर लिया। साइबर अपराधियों ने दोस्तों को मैसेंजर से संदेश भेजने शुरू कर दिए।
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रुपयों की जरूरत बताते हुए मदद मांगी। बृजेश कुमार के मुताबिक, ग्वालियर निवासी दोस्त संजय त्रिपाठी झांसे में आ गए। उन्होंने सात हजार रुपये भेजे गए खाता संख्या में आनलाइन ट्रांसफर कर दिए। उन्होंने रकम जमा करने का स्क्रीन शाट वाट्स एप पर भेजा। इस पर फर्जी आईडी की जानकारी हुई। इस पर इंजीनियर ने अपने दोस्तों को मैसेज भेजकर फर्जी आईडी के माध्यम से मांगे रुपये जमा नहीं करने के लिए कहा। उन्होंने फर्जी आईडी को बंद कराने के लिए शिकायत की है।