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अब कासगंज में 34 करोड़ से बनेगा बायो डायवर्सिटी पार्क

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कासगंज में प्रस्तावित बायोडायवर्सिटी पार्क के लिए भूमि - फोटो : KASGANJ
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कासगंज। जल संचयन के साथ सरकार जैव विविधता के संरक्षण के लिए भी प्रयासरत है। नमामि गंगे योजना के तहत जिले में बायो डायवर्सिटी पार्क विकसित किया जाएगा। गंगा किनारे बनाए जाने वाले पार्क का डीपीआर शासन को भेजा जा चुका है। 34 करोड़ रुपये की लागत का जिक्र डीपीआर में किया गया है। इस पार्क में गंगावन को भी शामिल किया जाएगा।
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बायो डायवर्सिटी पार्क के लिए गंगा किनारे गांव चंदनपुर घटियारी के समीप जगह चिह्नित की गई है। 97 हेक्टेयर क्षेत्रफल में पार्क विकसित किया जाना है। पार्क को अलग अलग जोन में बांटा जाएगा। सभी जोन में अलग-अलग सुविधाएं होंगी। नेचर इंटरप्रिटेशन सेंटर, नेचर ट्रायल्स, वॉटर बॉडीज, हर्बल गार्डन, नर्सरी, सेक्रेट ग्रो, पार्किंग जोन, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट, सोलर प्लांट, कैंपिंग ग्राउंड, ड्रिंकिंग प्वाइंट, ओपन थियेटर, लाइट, पार्किंग, मल्टी पर्पज हॉल सहित तमाम रमणीय स्थल होंगे। इसके अलावा पूरे गंगावन को भी बायो डायवर्सिटी पार्क में शामिल कर लिया जाएगा। इसमें सभी वाटिकाएं भी शामिल होंगी।
वन विभाग ने बायोडायवर्सिटी पार्क के लिए 34 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट तैयार कर गंगावन समिति के समक्ष पेश किया। जिला गंगावन समिति ने डीपीआर पर मुहर लगाकर स्टेट डायवर्सिटी बोर्ड को भेज दिया है। शासन से हरी झंडी मिलने के बाद वन विभाग काम शुरू कर देगा।
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बनेंगे ध्यान, योगा और आयुर्वेदिक केंद्र
कासगंज। बायोडायवर्सिटी पार्क में ध्यान, योगा और आयुर्वेदिक केंद्र बनाए जाएंगे। इन केंद्रों में रोगों से बचाव के गुर बताए जाएंगे। इन केंद्रों के लिए चयनित भूमि में अभी से स्थान चिह्नित कर दिया है।
आंकड़े की नजर से-
- 97 हेक्टेयर क्षेत्रफल में विकसित होगा बायोडायवर्सिटी पार्क।
- 34 करोड़ रुपये की धनराशि का गया प्रस्ताव।
- 37 प्रतिशत धनराशि जोन परिसर में होगी खर्च।
- 21 प्रतिशत धनराशि से बनेगी जालीदार गार्डिंग।
- 21 प्रतिशत धनराशि से बनेंगे छोटे छोटे वन।
- 5 साल की तैयार की गई है कार्य योजना।
3तो होगा प्रदेश का सबसे बढ़ा पार्क
कासगंज। उत्तर प्रदेश सरकार ने 27 जिलों में बायो डायवर्सिटी पार्क की योजना तैयार की है। इसमे 97 हेक्टेयर क्षेत्रफल में पार्क बनाने की योजना जिले से भेजी गई है। अन्य जिलो की अपेक्षा यह कार्ययोजना सबसे बड़ी है। ऐसे में प्रदेश में यह सबसे बड़ा पार्क होगा।
वर्जन-
- डीपीआर तैयार कर गंगावन समिति ने स्टेट डायवर्सिटी बोर्ड को भेज दी है। जल्द ही डीपीआर स्वीकृत होने की उम्मीद है। इसके बाद गंगा किनारे डायवर्सिटी पार्क विकसित किया जाएगा।
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- दिवाकर वशिष्ठ, डीएफओ।
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