उसने हे मां मेडिको पर माल पहुंचाने की बात कही थी। यह भी बताया था कि किसी के पूछने पर माल को चमड़ा बता देना। टेंपो के पीछे फरहान और वारिस भी स्कूटी से चल रहे थे। मगर, टीम ने जब चालक को पकड़ा, तो दोनों भाग गए। चालक हे मां के साथ ही बंसल मेडिकल पर दवाओं की सप्लाई पहले भी कर चुका है। उसने एमएस लाॅजिस्टिक के चार चालान भी दिखाए, जो दवाओं के नहीं थे।
इसके साथ ही दो टैक्स इनवाइस भी दीं, जिन पर धर्मपुरी, पुडुचेरी की मीनाक्षी फार्मा के नाम पर थे। उसके पास से दो बिल भी मिले, जो 10,41,963 रुपये के थे। यह लखनऊ के प्रथम तल, अबाद काॅम्प्लेक्स, अमीनाबाद, लखनऊ की न्यू बाबा फार्मा और कानपुर रोड, आशियाना, लखनऊ की पार्वती ट्रेडर्स के नाम से काटे गए थे। औषधि विभाग की टीम की जांच में पता चला कि न्यू बाबा फार्मा का लाइसेंस विक्की कुमार के नाम पर हैं। वह आशियाना सेक्टर एल, एलडीए काॅलोनी लखनऊ का रहने वाला है। वहीं पार्वती ट्रेडर्स का लाइसेंस सुभाष कुमार के नाम पर है। वह जयप्रकाश नगर, आलमबाग का निवासी है।
आरोपियों के घर लगा ताला
डीसीपी सिटी सोनम कुमार ने बताया कि जांच टीम को रिश्वत की पेशकश करने के आरोपी दवा कारोबारी को जेल भेज दिया गया है। पूरे मामले में एसटीएफ ने कार्रवाई की है। अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमें लगी हैं। आरोपी कुरियर कंपनी के संचालक फरार हो गए हैं। उन्हें घर पर ताला लगा हुआ है। वहीं लखनऊ की फर्म की जांच के लिए अलग टीम को लगाया गया है।