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कातिल ननद: भाभी को जिंदा जलाकर मार डाला...वजह थी कुछ ऐसी; कोर्ट ने सुनाई सख्त सजा

Thu, 29 Feb 2024 06:24 PM IST
धीरेन्द्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, मैनपुरी

सार

भाभी का कातिल ननद को कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। ननद ने दहेज के लिए अपनी भाभी की जिंदा जलाकर हत्या कर दी थी। इस वक्त मृतका का पति जेल में था। 

 
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woman crime, - फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
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मैनपुरी के थाना बेवर क्षेत्र में आठ साल पहले दहेज की मांग पूरी नहीं होने पर भाभी को जिंदा जलाकर मारने के आरोपी एटा जिले की रहने वाली ननद को जिला जज सुधीर कुमार ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। उस पर 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
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थाना बेवर के परौंखा निवासी महादेव ने अपनी पुत्री रश्मि की शादी फरवरी 2010 में मनीष निवासी कौआटांडा थाना बेवर के साथ की थी। दहेज में बाइक और भैंस की मांग को लेकर रश्मि का ससुराल में उत्पीड़न किया गया। मांग पूरी नहीं होने पर 14 अगस्त 2016 को जेठ मुनेंद्र, ननद राधा पत्नी योगेंद्र निवासी रामनगर थाना राजा का रामपुर जिला एटा ने रशमी को जिंदा जला दिया। महादेव ने दोनों के खिलाफ थाना बेवर में रिपोर्ट दर्ज कराई।

 

पुलिस ने जांच करके दोनों के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में भेज दी। अभियोजन पक्ष की ओर से वादी, विवेचक, चिकित्सक सहित गवाहों ने दोनों के  खिलाफ कोर्ट में गवाही दी। गवाही के आधार पर राधा को रश्मि की हत्या करने का दोषी सात जुलाई 2023 को पाया गया था। तत्कालीन जिला जज अनिल कुमार ने उसके हाजिर नहीं होने के कारण उसके खिलाफ स्थायी वारंट जारी किए थे। जेठ मुनेंद्र को दोषी पाकर आजीवन कारावास और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी।

 

न्यायालय से जारी वारंट के आधार पर पुलिस ने राधा को गिरफ्तार कर 25 फरवरी को जेल भेज दिया था। बृहस्पतिवार को उसके मुकदमे की सुनवाई हुई। डीजीसी वीरेंद्र कुमार मिश्रा, एडीजीसी विक्रम सिंह कश्यप ने उसके अपराध को देखते हुए कड़ी सजा देने की दलील दी। जिला जज सुधीर कुमार ने ननद राधा को आजीवन कारावास की सजा सुनाकर 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।

 
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घटना के समय पति था जेल में
जिस समय रश्मि को जिंदा जलाकर मारा गया, उस समय रश्मि का पति मनीष एक हत्या के मामले में जेल में बंद था। मनीष के जेल में होने के कारण उसके खिलाफ रिपोर्ट नहीं लिखाई गई थी। रश्मि के पिता ने दर्ज कराई गई रिपोर्ट में उस पर कोई आरोप भी नहीं लगाया था।
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