विदेशी फूल के खरीदार भी नहीं
आढ़ती सुनहरी लाल ने बताया कि फूल मंडी में विदेशी फूलों की खासी डिमांड रहती थी। डेकोरेशन से लेकर होटलों में होने वाली शादियों के लिए आर्डर बुक कराए जाते थे, लेकिन दो माह से एक भी आर्डर नहीं आया है। फुटकर में थोड़े बहुत फूल बेचे जा रहे हैं। पांच करोड़ रुपये के कारोबार का दस फीसदी ही बचा है।
30 क्विंटल तक फूल फेंक रहे
रकाबगंज फूल मंडी के अध्यक्ष नवीन पाराशर ने बताया कि रकाबगंज फूल मंडी में आवक घटी है। पूर्व के 80-100 क्विंटल की जगह 50 से 60 क्विंटल फूल बिक्री के लिए आ रहे हैं। मंदिरों में फूल बंगलों का यह सीजन है। इसी तरह सहालग का भी सीजन है, लेकिन दोनों ही जगह से फूलों की डिमांड बंद है। फूलों से खाद बनाने का काम भी बंद पड़ा है। ऐसे में रोजाना करीब 30 क्विंटल तक फूल यूं ही फेंके जा रहे हैं।
गुलदस्ते का कारोबार ठप
भगवान टाकीज निवासी सुमित कुमार ने बताया कि भगवान टाकीज व मदिया कटरा में सबसे ज्यादा फूलों के गुलदस्ते बिकते हैं। इन दिनों गुलदस्ते और फूल दोनों ही नहीं बिक रहे हैं। यदाकदा शादियों में विदाई कराने वाली कार को सजाने के लिए लोग लेकर आते हैं। 80 लाख रुपये प्रति माह के कारोबार में से महज 10 फीसदी ही काम बचा है।