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थर्ड क्लास के अंक, फर्जीवाड़े से बन गईं ‘मैडम’

Sun, 27 Mar 2016 01:53 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, अागरा
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धोखाधड़ी - फोटो : demo
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परिषदीय बेसिक स्कूलों में सहायक अध्यापक पद पर समायोजित शिक्षामित्रों के प्रमाणपत्रों की जांच में एक के बाद एक फर्जीवाड़ा सामने आ रहा है। यूपी बोर्ड ने ऐसे करीब 13 शिक्षामित्रों की सूची भेजी है। माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, राजस्थान की रिपोर्ट में खुलासा हुआ हैै कि थर्ड डिवीजन के अंक पाने वाली शिक्षामित्र फर्स्ट डिवीजन की फर्जी मार्कशीट लगाकर अध्यापिका बन गई है।
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मीरा ठाकुर नाम की शिक्षामित्र ने माध्यमिक शिक्षा बोर्ड राजस्थान से वर्ष 2002 में हाईस्कूल और 2004 में इंटरमीडिएट किया। बेसिक शिक्षा विभाग, आगरा की ओर से सत्यापन के लिए भेजे गए प्रमाणपत्र में शिक्षामित्र प्राप्तांक हाईस्कूल में 600 में से 370 (फर्स्ट डिवीजन) और इंटरमीडिएट में 650 में से 406 (फर्स्ट डिवीजन) दर्शाया गया है। वहीं राजस्थान बोर्ड की कार्यालय सारिणी के अनुसार मीरा ठाकुर का हाईस्कूल की परीक्षा में प्राप्तांक 235 (थर्ड डिवीजन) और इंटरमीडिएट में 299 (सेकेंड डिवीजन) है।

राजस्थान बोर्ड के सहायक निदेशक (परीक्षा सेकेंड) बेसिक शिक्षा अधिकारी से अभ्यर्थी के विरुद्ध कार्रवाई करने और कार्यालय को उससे अवगत कराने के लिए लिखा है। बेसिक शिक्षा अधिकारी धर्मेंद्र सक्सेना ने बताया कि राजस्थान बोर्ड की रिपोर्ट के आधार पर शिक्षामित्र के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
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