आगरा के थाना न्यू आगरा पुलिस ने दयालबाग से फर्जी आईआरएस को गिरफ्तार कर लिया। वह धोखाधड़ी के मामले में जांच करने पहुंचे पुलिस अधिकारी पर रौब दिखा रहा था। पुलिस की पूछताछ में हकीकत पता चल गई। पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया। उससे पूछताछ की जा रही है।
एसपी सिटी प्रशांत वर्मा के मुताबिक, मैनपुरी निवासी मितेश यादव को गिरफ्तार किया है, उसने राजस्व विभाग में नौकरी लगवाने के लिए वजीरपुरा के एक युवक से 27 हजार रुपये लिए थे। नौकरी नहीं लगने पर युवक रुपये वापस मांग रहा था। इस पर वह उसे धमकाने लगा। पीड़ित ने शिकायत की।
मितेश यादव एलोरा एन्क्लेव, दयालबाग में अपने मित्र के यहां आया हुआ था। इसकी जानकारी पर पुलिस पहुंची और पूछताछ की। इस पर मितेश पुलिस पर रौब दिखाने लगा। खुद को आईआरएस बताया। एसएसपी को फोन मिला दिया। कहा कि बिना मुकदमे के पुलिस कैसे पूछताछ के लिए आ गई। वह एक अधिकारी है।
एसएसपी के बैच पूछने पर फ्जी आईएएस चुप हो गया। इस पर एसएसपी ने जांच के आदेश दिए। आईडी कार्ड मांगा तो खोने की बात कही। दरोगा अवनीश त्यागी के व्हाट्स एप पर कार्ड की फोटो भेज दी। पुलिस ने संबंधित विभाग के अधिकारियों को कापी भेजकर पता किया। इसमें उसके फर्जी होने की बात सामने आई। बताया कि उसके नाम से कोई अधिकारी नहीं था। इस पर पुलिस उसे हिरासत में लेकर थाने ले आई। एसपी सिटी ने बताया कि आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जा रहा है।
पकड़े जाते ही रोने लगा
पुलिस के पकड़ने पर वह रोने लगा। पुलिस से कहा कि गलती हो गई। पैरों में गिर गया। कहा कि उसके पिता भी रिटायर्ड दरोगा हैं। परिवार नोएडा में रहता है, उसे छोड़ दो।
दिल्ली में मारा था छापा
पुलिस के मुताबिक, मितेश दिल्ली में भी पकड़ा जा चुका है, उसने आयकर विभाग का अधिकारी बताकर एक कारोबारी के घर में छापा मारा था, लेकिन वह पकड़ा गया था। उसने अपनी फेसबुक प्रोफाइल पर भी आईआरएस लिख रहा है। पुलिस को आशंका है कि उसने नोटबंदी के दौरान कई लोगों के साथ धोखाधड़ी की होगी।