आगरा। शहर की सड़कों पर 43 जगह कुल 94 खतरनाक गड्ढे हैं जो आम लोगों के लिए खतरनाक साबित हो सकते हैं। यह खुलासा बृहस्पतिवार को नगर निगम के सर्वे में हुआ है, जो तोता का ताल हादसे के बाद नगर आयुक्त ने निर्माण विभाग की टीम भेजकर कराया था।
सर्वे में चारों जोन छत्ता, हरीपर्वत, लोहामंडी और ताजगंज की सड़कों पर 94 गड्ढे पाए गए, जिन्हें भरने के लिए नगर निगम ने जलनिगम, जलकल, बीएसएनएल, वबाग, ग्रीन गैस व जिओ सहित सरकारी विभागों और कंपनियों को शुक्रवार तक का वक्त दिया है। जहां काम चल रहे हैं, उन जगहों पर गड्ढों के चारों ओर बैरिकेडिंग और चेतावनी बोर्ड लगाना होगा। शनिवार को निगम दोबारा सर्वे करायेगा। लापरवाही पर जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और जुर्माना भी लगाया जाएगा।
जोन गड्ढे
छत्ता 57
हरीपर्वत 11
लोहामंडी 07
ताजगंज 19
पानी की पाइपलाइन की मरम्मत करने के बाद सरकारी विभागों में सबसे ज्यादा गड्ढे जलकल विभाग के खुले पड़े हैं, जो खतरनाक हैं। तोता का ताल में जिस गड्ढे में बच्चे की मौत हुई, वह भी जलकल विभाग ने पाइपलाइन की मरम्मत के लिए खोदा था। ऐसे 28 और गड्ढे जलकल विभाग के हैं। इनमें गेट वॉल्व वाले गड्ढे न तो बैरिकेड किए गए, न ही ढक्कन रखा गया। जीवनीमंडी, गधापाड़ा, कालिंदी विहार, अहीरपाड़ा, कृष्णा नगर में जलकल विभाग ने गड्ढे भरे ही नहीं हैं। इसके अलावा सीवर लाइन धंसने से धंसी सड़क और मैनहोल पर ढक्कन न होले के कारण भी लोगों को खतरा है।
वबाग के गड्ढे सबसे ज्यादा
विभाग गड्ढों की संख्या
वीए टेक वबाग 31
जलकल विभाग 28
जलनिगम 07
जिओ फाइबर 05
बीएसएनएल 03
ग्रीन गैस 02
टेलीसोनिक नेटवर्क 02
नगर निगम 16
शहर में 43 जगहों पर 94 गड्ढे पाए गए हैं। हमने उनके साइज के आधार पर रिपोर्ट बनाकर सभी विभागों और कंपनियों को नोटिस जारी किए हैं कि शुक्रवार शाम तक इन्हें मिट्टी से भर दें। काम चल रहा हो तो बैरिकेडिंग कर चेतावनी बोर्ड लगा दें। शनिवार को टीम दोबारा सर्वे करेगी। जिनके गड्ढे खुले मिलेंगे, उन कंपनियों और विभागों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे और जुर्माना लगाया जाएगा। - निखिल टी फुंडे, नगर आयुक्त
- जीवनीमंडी की कृष्णा कॉलोनी में
- बोदला चौराहे पर मंदिर के पास
- टीला माईथान, गुरुद्वारा के पास
- जीवनीमंडी से गधापाड़ा रोड पर
- सुशील नगर में धर्मेंद्र इलेक्ट्रॉनिक के पास
- शोभा नगर और फाउंड्रीनगर में
- बोदला चौराहे के पास
- आजमपाड़ा रोड पर गैस लाइन
- अग्रवाल हॉस्पिटल के सामने
- दयालबाग का 100 फुटा रोड
- वाटरवर्क्स अग्रवन के सामने
- पश्चिमपुरी हेमा पेट्रोल पंप के सामने
- गैलाना रोड, निर्भय नगर में
- आवास विकास कॉलोनी के सेक्टर-2-सी में
- स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, छीपीटोला के पास
- कालिंदी विहार के डी ब्लॉक में
- बसेरा कॉलोनी में एपेक्स के सामने
- शाहगंज के चंदन नगर में
तोता का ताल में जलनिगम ने बिना अनुमति के खोदाई कराई। इसी तरह शहर में 43 जगहों पर गड्ढे खोदे गए, पर नगर निगम के इंजीनियरों को पता न चला। एक साल पहले नगर निगम सदन ने यह प्रस्ताव पास किया था कि सड़क की खोदाई कितनी भी जरूरी हो, उसकी अनुमति नगर निगम बोर्ड से मिलेगी। कोई इंजीनियर खोदाई के बड़े आवेदन मंजूर नहीं करेगा। कंपनियों से रोड कटिंग का पैसा जमा कराया जाएगा और मरम्मत कार्य नगर निगम कराएगा, लेकिन निगम के इंजीनियरों को उनके क्षेत्र में की गई रोड कटिंग सर्वे से पता लग पाई।