फोटो36सोराेंजी के बटुकनाथ मंदिर में विराजमान उपपीठ जयापीठ माता काली की प्रतिमा । संवाद
सोरोंजी। तीर्थंनगरी के लहरा रोड स्थित प्राचीन सिद्धपीठ बटुकनाथ मंदिर को काली कलकत्ते वाली की उपपीठ जयापीठ के नाम से भी जाना जाता है। मान्यता है कि कलकत्ता में काली देवी की जात के लिए ना जा पाने वाले लोग अगर जयापीठ के दर्शन कर लें तो उनकी जात पूरी मानी जाती है।
आदि शंकराचार्य भी इस पीठ की जात करने आये थे, उनके द्वारा यहां स्थापित श्रीयंत्र आज भी मौजूद है। नवरात्र के दिनों में यहां भव्य मेला आयोजित होता है। बड़ी संख्या में लोग बच्चों के मुंडन संस्कार कराने पहुंचते हैं। मंदिर प्रांगण में प्राचीन वटवृक्ष मौजूद है। किवदंतियों के अनुसार प्राचीन काल में भागीरथी गंगा इसी वट वृक्ष को छूकर बहती थी। उत्तर प्रदेश सरकार ने इसे संरक्षित धरोहरों की सूची में रख रखा है।