तीसरे चरण में लोक मेले का आयोजन होता है। जिसमें एकादशी, पूर्णिमा दौज को महामंडलेश्वर बाबा बालक दास के नेतृत्व में नागा शाही स्नान करते हैं। कार्तिक पूर्णिमा पर लाखों लोग यमुना में डुबकी लगाकर भोले के दर पर मत्था टेकने पहुंचते है।
दौज की श्रृंगार पूजा भदावर राज घराने के प्रतिनिधि करते हैं। सीडीओ जे रीभा के जारी किए पत्र में बटेश्वर मेले में उमड़ने वाली लाखों की भीड़ के मद्देनजर इसे इस साल न आयोजित करने का निर्णय जारी किया है। इससे आमजन मायूस हैं। उनका कहना है कि मेले से स्थानीय लोगों को रोजगार मिलता है।
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