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UP: बेसिक शिक्षा विभाग बना भ्रष्टाचार की खान, हर काम के लिए रेट तय; बाबुओं का कॉकस करता है साइलेंट वार

Sat, 04 Jan 2025 03:56 PM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला नेटवर्क, आगरा

सार

बेसिक शिक्षा विभाग भ्रष्टाचार की खान बन गया है। यहां हर काम के लिए रेट तय हैं। यहां बाबू खुलकर पैसे मांगते हैं, जैसे वो उनका काम नहीं, बल्कि सरकारी फीस है। 
 
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बेसिक शिक्षा विभाग, आगरा - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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बेसिक शिक्षा विभाग में चाहे मान्यता हो या फिर समायोजन। निलंबन से लेकर बहाली और पेंशन से मृतक आश्रित तक हर काम के विभाग में रेट तय हैं। यही कारण है कि पिछले 9 साल में विभाग के 16 अधिकारी, शिक्षक और कर्मचारी भ्रष्टाचार निरोधी दस्ते के शिकंजे में फंस चुके हैं। बृहस्पतिवार को एंटी करप्शन ब्यूरो की कार्रवाई के बाद बेसिक शिक्षा विभाग के कार्यालयों में सन्नाटा पसरा है।
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साल 2016 से विभाग 2024 के बीच 14 शिक्षक, कर्मचारी और अधिकारी ट्रैप हुए। भ्रष्टाचार के आरोप में इन्हें जेल भेजा गया और फिर बहाल होकर वापस काम पर लग गए। बहाली के बाद इन्हें महत्वपूर्ण पटल सौंपे गए हैं। जिसके चलते कर्मचारियों के हौंसले बुलंद हैं। वरिष्ठ सहायक हर्ष शुक्ला की गिरफ्तारी के बाद इसे कोई कर्मचारियों की गुटबाजी कह रहा है तो कोई साजिशन फंसाने की बात कर रहा है।

जिला बेसिक शिक्षाधिकारी जितेंद्र कुमार गोंड का कहना है कि विभाग में सभी कार्य ऑनलाइन हो रहे हैं। ऐसे में भ्रष्टाचार का सवाल नहीं उठता है। ऐसी घटनाओं से आगरा में बीएसए, बीईओ आने को तैयार नहीं हैं। हर्ष के प्रकरण में भी प्रथम दृष्टया घटना के पीछे षड्यंत्र प्रतीत होता है। जांच के बाद स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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अब तक इन पर हुई कार्रवाई
- उत्तम चंद्र, उच्च प्राथमिक विद्यालय कन्या फतेहाबाद, विकास खंड फतेहाबाद (तत्कालीन एबीआरसी), आगरा (अक्तूबर 2016 में)।
- भूप सिंह सहायक अध्यापक, विकास खंड फतेहाबाद, आगरा (दिसंबर 2016 में)।

- पूनम चौधरी, खंड शिक्षा अधिकारी, शमसाबाद, आगरा (फरवरी 2017 में)।
- कन्हैया लाल सारस्वत, वित एवं लेखाधिकारी, बेसिक शिक्षा, आगरा (मई 2017 में)।

- सोबरन सिंह सहायक अध्यापक (एबीआरसी), बिल बाबू, शमसाबाद, आगरा (जुलाई 2018 में)।
- देव प्रकाश, सहायक अध्यापक (एबीआरसी), बिल बाबू शमसाबाद, आगरा (जुलाई 2018 में)।

- हरीओम दुबे, एबीआरसी बरौली अहीर, आगरा (अक्टूबर 2019 में)।
- प्रबल दुबे, कनिष्ठ लिपिक, बिल बाबू अछनेरा, आगरा (नवंबर 2019 में)।

- राहुल कुमार, कनिष्ठ लिपिक, फतेहाबाद, आगरा (जनवरी 2020 में)।
- जितेंद्र शर्मा, सहायक अध्यापक प्राथमिक नला बिहारी, बरौली अहीर, आगरा (फरवरी 2021 में)।

- बृजराज सिंह, खंड शिक्षा अधिकारी, शमसाबाद, आगरा (जून 2022 में)।
- शभैरवनाथ झा, सहायक अध्यापक, शमसाबाद, आगरा (सितंबर 2022 में)।

- प्रमोद कुमार, खंड शिक्षा अधिकारी, बरौली अहीर, आगरा (जून 2023 में)
- हर्ष शुक्ला, वरिष्ठ सहायक, कार्यालय जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, आगरा (2 जनवरी 2025 में)।


 
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