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बेटे की चाहत: गर्भवतियों से 20 से 30 हजार में सौदा...भ्रूण लिंग जांच के खेल में कई डॉक्टरों के नाम का खुलासा

Sat, 10 Aug 2024 12:29 PM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला नेटवर्क, आगरा

सार

Agra Illegal Fetal Gender Test: आगरा के बाईंपुर के जिस घर में स्वास्थ विभाग और पुलिस टीम ने भ्रूण लिंग जांच के खेल का पर्दाफाश किया। इस खेल में कई डॉक्टरों के नाम भी सामने आए हैं, जिनके नंबर आरोपी के मोबाइल में मिले। 
 
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मशीन और पुलिस हिरासत में आरोपी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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भ्रूण लिंग की जांच में बेटी मिलने पर भी ये गर्भपात करवाते थे। कुछ चिकित्सक भी इसमें सहयोगी हैं। आरोपियों के फोन में आगरा, धौलपुर समेत आसपास के जिलों के डॉक्टरों के नाम मिले हैं। ये भ्रूण लिंग जांच, भ्रूण हत्या और गर्भपात के लिए 20-30 हजार रुपये में सौदा करते थे। इसके लिए कई जिलों में एजेंट भी सक्रिय हैं।
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पुलिस ने बताया कि आरोपियों से 6 मोबाइल जब्त किए हैं। शुरुआती पूछताछ में पता चला है कि भ्रूण लिंग जांच के लिए 10-15 हजार रुपये वसूलते थे। गर्भ में बेटी मिलने पर गर्भपात करवाने के लिए 20-30 हजार रुपये में सौदा करते थे। इसमें एजेंट और गर्भपात करने वाले का भी कमीशन तय था।

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गर्भवती महिलाओं को लाने के लिए ये खुद की कार का इस्तेमाल करते थे। कोई डमी गर्भवती महिला तो नहीं है, इसके लिए बाईंपुर तक लाने के लिए तीन से चार जगह गर्भवती व परिजन को बुलाते थे। पूरी तरह से आश्वस्त होने पर अपनी कार से गर्भवती को गर्भपात कराने वाली जगह पर पहुंचते थे। गर्भ में बेटी होने पर ये कुछ डॉक्टरों की मदद लेते थे। फोन में इनके नंबर मिले हैं, जिन पर बात भी हुई है। जांच में सहयोगी की पुष्टि होने पर इनके खिलाफ भी केस दर्ज कराया जाएगा। फोन की जांच भी कराई जाएगी।



 

राजस्थान, हरियाणा की टीमें भी पकड़ चुकीं
बीते 10 सालों में आगरा में भ्रूण लिंग जांच के करीब 8 मामले पकड़े जा चुके हैं। इसमें चिकित्सक, झोलाछाप और स्टाफ नर्स भी पकड़े गए। आगरा के अलावा हरियाणा और राजस्थान की टीमों ने भी छापे मारकर मामले पकड़े हैं। इसमें 2017 में राजस्थान की टीम ने आईएमए की पूर्व अध्यक्ष को भी पकड़ा था। इसके अलावा ट्रांस यमुना कॉलोनी, रुनकता, किरावली में भी भ्रूण लिंग जांच का रैकेट पकड़ा गया था।

 
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लाइसेंस होगा निरस्त
सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि घर में 6 आरोपियों के अलावा दो गर्भवती भी मिली थीं। उनमें फिरोजाबाद और अरसेना निवासी दो गर्भवती थीं। एक-एक परिजन भी थे। गर्भवती महिलाओं और उनके परिजन को गवाह बनाया जाएगा। गर्भपात कराने में संबंधित चिकित्सक की भूमिका साबित होने पर उनके अस्पताल का लाइसेंस निरस्त किया जाएगा।
 
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