वृंदावन में ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में प्राकट्य महोत्सव की धूम है। रविवार सुबह बांकेबिहारी जी का पंचामृत से महाभिषेक किया गया। इसके बाद उन्होंने पीले रंग की पोशाक धारण कर भक्तों को दर्शन दिए। प्राकट्य महोत्सव में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी है।
मंदिर के सेवायत फ्रेंकी गोस्वामी एवं गौरव गोस्वामी रविवार की प्रात: 6 बजे भगवान बांकेबिहारी जी का पंचामृत से अभिषेक कराने के साथ महोत्सव की शुरुआत हुई। इसके बाद उन्हें पीले रंग की जरी की पोशाक धारण कराई गई। इस दौरान भगवान को केसर युक्त हलवे (मोहन भोग) का भोग लगाया गया।
मंदिर के सेवायतों ने अपने आराध्य के प्राकट्य होने की खुशी में बधाई गायन किया। साथ ही मंदिर में भक्तों को खिलौने, मेवा, फल लुटाए गए।
स्वामी हरिदास के मंदिर पहुंचने पर ही ठा. बांकेबिहारी लगाते हैं भोग
ठा. बांकेबिहारी की प्राकट्य स्थली निधिवन से बांकेबिहारी मंदिर शोभायात्रा पहुंचने के पश्चात सवारी के साथ चांदी के रथ में विराजित स्वामी हरिदास महाराज का चित्रपट मंदिर की तिवारी में विराजमान किया गया। इसके पश्चात ही ठाकुरजी भोग ग्रहण किया।
मंदिर के सेवायत भीकचंद गोस्वामी ने बताया कि बांकेबिहारी मंदिर में यह प्राचीन परंपरा है कि निधिवन से सवारी मंदिर पहुंचने पर उनके प्राकट्यकर्ता स्वामी हरिदास महाराज तिलक लेकर बांकेबिहारी की बधाई देने जाते हैं। उसके बाद ही ठाकुरजी भोग ग्रहण करते हैं।
बिहार पंचमी पर होगी बैठक
ठा. श्रीराधा सनेह बिहारी मंदिर में बिहार पंचमी के अवसर पर बांकेबिहारी महाराज के चित्रपट का वेद मंत्रों द्वारा पूजन अर्चन व केलिमाल पाठ किया गया। मंदिर परिसर में ही अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा की बैठक सुबह 11.30 बजे आयोजित की गई।
बैठक में यमुना प्रदूषण मुक्ति, ब्रज को हरियाली युक्त बनाने, कुंभ मेला स्थल को संरक्षण, यातायात व्यवस्था, बसों द्वारा अन्य तीर्थों को वृंदावन से जोड़ना, मंदिर अधिग्रहण का विरोध आदि मुद्दों पर चर्चा हुई।