फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बांकेबिहारी मंदिर हादसा: अदालत ने डीएम-एसएसपी और मंदिर प्रबंधन को किया तलब, सेवायतों ने की है जांच की मांग

Wed, 31 Aug 2022 12:05 AM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा

सार

वृंदावन के बांकेबिहारी मंदिर में मंगला आरती के दौरान इंतजामों पर सवालिया निशान लगाते हुए दो सेवायतों ने सिविल जज जूनियर डिवीजन की अदालत में जांच के लिए प्रार्थना पत्र दिया है, जिसे स्वीकार कर लिया गया है। 
विज्ञापन
बांकेबिहारी मंदिर - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

मथुरा के वृंदावन में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर बांकेबिहारी मंदिर में मंगला आरती के दौरान हुए हादसे का मामला अब अदालत में पहुंच गया है। ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर के दो सेवायतों ने सिविल जज जूनियर डिवीजन की अदालत में हादसे की जांच के लिए प्रार्थना पत्र दिया है। यह प्रार्थना पत्र अदालत ने दर्ज कर डीएम, एसएसपी और मंदिर प्रबंधक को तलब किया है। अधिकारियों को 29 सितंबर तक अदालत में जवाब देना होगा। 

विज्ञापन


सेवायत रितुराज गोस्वामी और चन्द्र प्रकाश गोस्वामी निवासी बिहारीपुरा वृंदावन ने सिविल जज जूनियर डिवीजन की अदालत में दिए प्रार्थना पत्र में कहा है कि मंदिर दर्शन के संबंध में आठ दिसंबर 2004 के पारित आदेश के अनुसार आंतरिक व्यवस्था की जिम्मेदारी सिविल जज जूनियर डिवीजन की, बाहर की जिम्मेदारी पुलिस प्रशासन की और प्रबंध व्यवस्था का संचालन मंदिर प्रबंधक मुनीष शर्मा द्वारा किया जा रहा है। 

डीएम-एसएसपी पर लगाया यह आरोप 

जन्माष्टमी पर मंगला आरती के दौरान डीएम-एसएसपी का मंदिर परिसर के ऊपरी भाग में रहना हाईकोर्ट के वर्ष 2004 के आदेश की अवमानना थी। इस आदेश में वहां पर किसी को भी दर्शन करने की अनुमति नहीं है। यह न्यायालय की आपराधिक अवमानना की श्रेणी में आता है। प्रार्थना पत्र में गेट संख्या एक पर पुलिसकर्मी द्वारा महिला से छेड़छाड़, इसी द्वार के पास भीड़ के दबाव के कारण श्रद्धालुओं की मौत पर मांग की है कि मंदिर के अंदर पुलिसकर्मियों का हस्तक्षेप वर्जित किया जाए। मंदिर की आंतरिक व्यवस्था सुरक्षा गार्डों से सुचारु करने के निर्देश दिए जाएं। 

विज्ञापन

गोस्वामीजन के अधिवक्ता हिमांशु गोस्वामी ने बताया कि हादसे की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा है कि अदालत डीएम व एसएसपी को निर्देशित करे कि मंदिर के प्रमुख मार्गों  से 300 मीटर दूरी से ही आवश्यक बैरिकेडिंग की जाए। अंदर की सुरक्षा व्यवस्था सुरक्षा गार्डों को पुलिस का हस्तक्षेप रोकने तथा वीआईपी व्यवस्था को स्थगित रखा जाए। उन्होंने दोषी व्यक्तियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें