अधिकारियों को पता था कि मंगलवार को आएंगे
मथुरा जिले के प्रशासनिक अधिकारियों को इस बात की जानकारी थी कि जांच टीम के मुखिया सुलखान सिंह मंगलवार को जांच करने आएंगे। अधिकारियों की टीम बांकेबिहारी मंदिर के आसपास थी लेकिन जिस तरह से वे पहुंचे, किसी को इसकी भनक नहीं लगी। उनके साथ जो गाड़ियां व सुरक्षा की टीम थी वो काफी दूर खड़ी थी। वापसी के दौरान वह टहलते हुए गाड़ियों तक पहुंचे। हालांकि जिस वक्त वह निरीक्षण कर रहे थे, सादे कपड़ों में उनकी सिक्योरिटी में तैनात पुलिस आसपास ही रही।
सुलखान सिंह सादगी की मिसाल हैं
1983 बैच के आईपीएस अधिकारी रहे सुलखान सिंह की सादगी, ईमानदारी व शालीनता की मिसाल दी जाती है। बांदा जिले के गांव जौहरपुर निवासी सुलखान ने आईआईटी रुड़की से इंजीनियरिंग करने के बाद दिल्ली से एमटैक भी किया। बताते हैं कि पूर्व डीजीपी का घर अभी भी पुराना है। वह कई बार ऑटो में आते जाते दिखे। इतना ही नहीं बांदा के मेडिकल कॉलेज के बाहर वह एक पेड़ के नीचे पालथी मारकर बैठे थे और मूंगफली खा रहे थे। यह तस्वीर उनकी खूब वायरल हुई थी। उन्होंने नौकरी के दौरान कई भ्रष्ट पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई भी की थी।