चार बडे़ गेट हैं, कॉरिडोर में 22 शिलालेखों पर काशी की महिमा का वर्णन किया गया है। इस कॉरिडोर में मंदिर चौक, मुमुक्षु भवन, कई यात्री सुविधा केंद्र, यूटिलिटी भवन सहित आदि सुविधाएं दी गई हैं। इसकी विशालता देखते ही बनती है। 1780 में महारानी अहिल्याबाई होलकर के बाद काशी मंदिर को भव्यता कॉरिडोर के माध्यम से दी गई है।
रामेश्वरम मंदिर का कॉरिडोर सबसे बड़ा
इसके अलावा दक्षिण भारत स्थित रामेश्वरम मंदिर का कॉरिडोर सबसे बड़ा है, जो करीब 400 फीट लंबा है। 12 ज्योतिर्लिंगों में शामिल रामेश्वरम के लिए बना कॉरिडोर की खूबसूरती वास्तुकला का अद्भुत नमूना है। इस कॉरिडोर की चौड़ाई 197 मीटर तक है। इस कॉरिडोर की खूबसूरती देखते ही श्रद्धालु चकित रह जाते हैं।
ऐसे कई मंदिर हैं, जहां कॉरिडोर यात्रियों के लिए सुविधाजनक है। इन्हें देखते हुए ठाकुर बांकेबिहारी के भक्त भी फिलहाल दर्शन के लिए होने वाली समस्याओं से मुक्ति की उम्मीद लगाए हुए हैं। जिलाधिकारी नवनीत सिंह चहल ने बताया कि प्रशासन की तरफ से रिपोर्ट तैयार की जा रही है।