सोरों। कसबे में एक डाकघर एजेंट सोमवार रात निवेशकों के एक करोड़ से अधिक रुपये लेकर फरार हो गया। जिसमें डाकघर, एलआईसी और कुछ फाइनेंस कंपनियों का रुपया भी था। उसके फरार होने के बाद निवेशकों ने डीएम से शिकायत करने के साथ ही पुलिस को तहरीर दी।
कपड़ा कारोबारी आशीष अग्रवाल की मां मृदुला अग्रवाल सोरों डाकघर की एजेंट हैं, जबकि वह एलआईसी का एजेंट है। डाकघर एजेंट का काम मां के स्थान पर वही देखता था और निवेशकों से रुपयों की उगाही करता। लेकिन निवेशकों के खाते में धन जमा नही करता था। उसके फरार होने के बाद अब लोगों को जानकारी हुई है। सोमवार रात वह दुकान से कपड़ा भरकर परिजनों सहित फरार हो गया। जब लोगों ने उसकी दुकान बंद देखी तो निवेशक परेशान हो उठे। निवेशकों डाकघर पहुंचकर अपने खातों के बारे में जानकारी की तो पोस्टमास्टर ने कनेक्टिविटी न होने के बात की। जब संतोषजनक जबाब नहीं मिला तो निवेशकों ने फरार हुए एजेंट की शिकायत डीएम से की। डीएम ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच के आदेश दिए।
निवेशकों ने कहा कि पिछले कई सालों से लगातार धन जमा किए जाने के बाद भी उसने पासबुक तक खातेधारकों को नहीं दी। किसी से दो तो किसी से तीन साल से धनराशि लगातार जमा की जा रही थी। यह धनराशि डाकघर में जमा करने के स्थान पर खुद ही हड़प ली। बताया गया कि उसके पास लगभग 200 से 250 खाता धारकों की धनराशि है।
शिकायत दर्ज कराने वालो में सोमंाशुु निर्भय, मदनमोहन दीक्षित, प्रशांत कोठेवार, विकास निर्भय, अंकित अगवाल, कन्हैयालाल भारद्वाज, श्रीकृष्ण भारद्वाज, शिवम माहेश्वरी, विकास तिवारी, श्याम वार्ष्णेय, संदीप वार्ष्णेय, अंशुल अग्रवाल, राकेश निर्भय, कौशल किशोर, अखिलेश तिवारी आदि हैं। आशीष ने तीन फाइनेंस कंपनियों एवं ब्याज पर पैसा देने वालों लोगों से भी करीब 25 लाख रुपये से अधिक ले रखा है।
नौकर को भी नहीं बख्शा
आशीष ने अपनी कपड़े की दुकान पर काम करने वाले कर्मी विपिन को नहीं बख्शा। पेट के ऑपरेशन के लिए रखे तीन लाख रुपये उससे ले लिए और ब्याज सहित दीपावली पर देने को कहा। लेकिन इससे पहले ही व फरार हो गया।
मृदुला एजेंट के पास करीब 250 खाते डाकघर में खुलवाए थे। जिनमें से मात्र 40 ही वर्तमान में चालू स्थिति में हैं। जिनकी सूची चस्पा करा दी गई है। उसने किससे क्या धनराशि ली, पासबुक दी या नहीं दी इसके बारे में कोई जानकारी नहीं है।
सुभाष द्विवेदी, पोस्टमास्टर।
शिकायतकर्ता निवेशकों ने कोतवाली पहुुंचकर पुलिस को तहरीर दी है। निवेशकों का आरोप है कि आशीष अग्रवाल कई खाता धारकों का रुपया लेकर फरार है। तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
- रिपुदमन सिंह, कोतवाली प्रभारी।
निवेशकों की जुवानी-
डाकघर में 5000 रुपये महीने की आरडी थी। तीन वर्ष हो चुुके है आज तक एजेंट ने पासबुुक नहीं।
- श्रीकृष्ण भारद्वाज, निवेशक ।
मेरा व अन्य दो परिजनों की एक-एक हजार रुपये आरडी एजेंट के द्वारा डाकघर में खुलवाई थी। डाकघर से कोई जानकारी नहीं मिल रही है।
-राकेश निर्भय, निवेशक
अपनी व दो भाईयों की आरडी खुलवाई थीं। पांच पूर्ण होने वाले थी। न तो पासबुक हैं और न ही खाता नंबर।
- अंशुुल अग्रवाल, निवेशक
3000 की आरडी चलते हए तीन साल हो चुुुके है। लेकिन खाते की कोई जानकारी नहीं दी गई। -कौशल किशोर, निवेशक।