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बैंक प्रबंधक हत्याकांड: कलेक्ट्रेट बार के अध्यक्ष के बेटे को जीजा की हत्या में जेल भेजा, पत्नी-ससुर भी नामजद

Sat, 21 Oct 2023 08:33 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला, आगरा

सार

आगरा में दामाद की हत्या के मामले में कलेक्ट्रेट बार के अध्यक्ष के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में गला घोंटने से दामाद की मौत होने का खुलासा हुआ है। इस मामले में पुलिस ने कलेक्ट्रेट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष बृजेंद्र सिंह रावत के बेटे कृष्णा रावत को जेल भेज दिया।
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Arrested demo - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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 बैंक प्रबंधक सचिन उपाध्याय हत्याकांड में शुक्रवार को पुलिस ने कलेक्ट्रेट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष बृजेंद्र सिंह रावत के बेटे कृष्णा रावत को जेल भेजा है। वह मृतक का साला है। पुलिस का कहना है कि हत्या की रात आरोपी की घटनास्थल पर मौजूदगी की पुष्टि हुई। पूछताछ में कुछ साक्ष्य मिले हैं। इस आधार पर कार्रवाई की गई। अब ससुर और पत्नी से भी पुलिस पूछताछ की तैयारी कर रही है।
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रामरघु एग्जॉटिका काॅलोनी निवासी सचिन उपाध्याय शमसाबाद स्थित बैंक में तैनात थे। पुलिस के मुताबिक, 12 अक्तूबर की शाम पांच बजे पुलिस को सचिन की मौत की जानकारी दी गई। शव एंबुलेंस में रखा मिला था। सचिन के शव को साला कृष्णा रावत और परिचित एक हाॅस्पिटल में लेकर गए थे। मगर, मौत पहले ही हो गई थी।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतक के शरीर पर चोट और गला घोंटकर हत्या की पुष्टि हुई। परिजन ने हत्या का केस दर्ज कराया। इसमें ससुर बृजेंद्र सिंह रावत, पत्नी प्रियंका और साले कृष्णा रावत को नामजद किया। डीसीपी सिटी सूरज राय ने बताया कि 13 अक्तूबर की दोपहर 1:20 बजे पोस्टमार्टम हुआ। इसमें शव 36 घंटे पुराना बताया गया। इससे आशंका जताई गई कि हत्या 11 अक्तूबर की रात को हो गई होगी।
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सूचना कई घंटे बाद दी गई। आत्महत्या बताया गया। घर में कोई साक्ष्य आत्महत्या से संबंधित नहीं मिला। कृष्णा रावत को गिरफ्तार किया गया था। उसे जेल भेजा गया है। मृतक के ससुर और पत्नी से भी पूछताछ की जाएगी। जो भी साक्ष्य मिलेंगे, उनके आधार पर कार्रवाई होगी।

आखिरी बार सास को किया काॅल
पुलिस की जांच में यह भी पता चला कि 11 अक्तूबर की रात को सचिन ने आखिरी कॉल अपनी सास को की थी। इसके बाद कोई कॉल नहीं किया। अगर, वो 12 अक्तूबर की शाम तक जिंदा होते तो किसी न किसी को कॉल जरूर करते। वहीं 11 अक्तूबर की रात को कृष्णा रावत के रामरघु एग्जॉटिका काॅलोनी में होने की पुष्टि सर्विलांस और सीसीटीवी कैमरों के फुटेज से हुई। इस पर उन्हें बृहस्पतिवार रात को हिरासत में लिया गया। पूछताछ की गई। इसके बाद शुक्रवार सुबह कोर्ट मेंं पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
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