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हड़ताल पर बैककर्मी, यूनियन बोलीं- निजीकरण व विलय से बैंकों का भला नहीं

Tue, 22 Oct 2019 09:34 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
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सांकेतिक तस्वीर
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यूपी बैंक इंप्लाइज यूनियन के 43वें प्रांतीय अधिवेशन में बैंकर्स की समस्याओं पर चर्चा की गई। केंद्रीय संगठन के महामंत्री सीएच वेंकटाचलम ने कहा कि निजीकरण और विलय से बैंकों का भला नहीं हो सकता। 
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मुख्य समस्या बड़े-बड़े ऋणों की रिकवरी नहीं होना है। सरकार को ऐसे लोगों पर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। बताया कि निजीकरण के विरोध में 22 अक्तूबर को देशभर के बैंककर्मी हड़ताल पर रहेंगे।
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अग्रसेन सभा भवन में आयोजित अधिवेशन में मुख्य अतिथि वेंकटाचलम ने कहा कि बैंक देश के आर्थिक विकास के लिए अच्छा कार्य कर रहे हैं। सरकार बड़े ऋणों की वसूली के स्थान पर बैंकों के विलय करने में लगी है। 
 
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बैंकों के जमा पर ब्याज दर लगातार कम की जा रही है। तरह-तरह के चार्ज लगाकर जमाकर्ताओं को हतोत्साहित किया जा रहा है। इससे बैंकों के प्रति ग्राहकों का विश्वास कम हो रहा है। उन्होंने बताया कि आठ जनवरी 2020 को देशभर में श्रमिक संगठनों की हड़ताल में भी बैंककर्मी साथ देंगे। 

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प्रांतीय अध्यक्ष पीएन तिवारी, बीएस रामबाबू, जनक रावल ने भी निजीकरण और सरकार की नीतियों को कर्मचारी विरोधी बताया। इसके पहले अतिथियों का स्वागत करने वालों में नरेंद्र सिंह यादव, एमएम राय शामिल रहे। अधिवेशन में 300 से अधिक बैंक कर्मचारियों ने प्रतिभाग किया।
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