तय कार्यक्रम के तहत गुरुवार लगभग साढ़े 10 बजे कलेक्ट्रेट के पास एमजी
रोड पर महिलाएं एकत्रित हुईं। मोर्चा की महानगर अध्यक्ष संध्या जोशी के
नेतृत्व में सभी कलेक्ट्रेट की ओर बढ़ीं। जुलूस से एमजी रोड पर जाम लग गया।
प्रदर्शन के लिए सैकड़ों महिलाएं फीरोजाबाद से मंगाई गईं चूड़ियां लेकर
पहुंची थीं। पुलिसकर्मियों ने कलेक्ट्रेट के गेट पर उन्हें रोकने की कोशिश
की। इससे एमजी रोड पर जाम और बढ़ गया। लगभग 20 मिनट की जद्दोजहद के बाद
महिलाएं कलेक्ट्रेट में प्रवेश कर गईं।
बिगड़ती कानून व्यवस्था के
विरोध में पुलिस अधिकारियों को चूड़ी भेंट करने पहुंचीं महिलाओं को देखते
ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के कार्यालय का मुख्य गेट बंद कर दिया गया। गेट पर
एसपी सिटी राजेश कुमार सिंह, एसपी ग्रामीण (पश्चिम) बबिता साहू, सीओ
कोतवाली मनीषा सिंह के नेतृत्व में महिला और पुरुष सिपाही तैनात थे।
प्रदर्शनकारी महिलाओं ने पुलिसकर्मियों पर ही चूड़ियां फेंकना शुरू कर
दिया। इससे भगदड़ की मच गई। एक साथ इतनी महिलाओं के सामने पुलिसकर्मी भी
बेबस नजर आए। एसपी सिटी, एसपी ग्रामीण (पश्चिम), सीओ कोतवाली सहित दर्जनभर
पुलिसकर्मी घायल हो गए। इधर, आशारानी बोहरा, संध्या जोशी, कुंदनिका शर्मा,
अर्चना गर्ग, लक्ष्मी लवानियां, प्रेमा वर्मा, निर्मला दीक्षित, डा. मृदुला
कठेरिया आदि महिलाएं भी चोटिल हो गईं।
महानगर अध्यक्ष संध्या जोशी ने
कहा कि अगर महिलाओं पर अत्याचार कम नहीं हुआ तो मोर्चा की सदस्याएं सड़क पर
उतरकर जंग करेंगी। इस संबंध में मोर्चा की तरफ से एसपी सिटी को ज्ञापन भी
सौंपा। इसके बाद भी महिलाएं काफी देर तक मौके पर डटी रहीं। लंबे समय बाद
महिलाओं को इतना बड़ा प्रदर्शन हुआ। महिलाओं को रोकने के लिए पुलिस अधिकारी
कोई रणनीति तय नहीं कर पाए। इस दौरान बेबीरानी मौर्या, डा. मंजू गुप्ता,
कल्पना धाकरे, रश्मि सिंह धाकड़, मधु शर्मा, अर्चना अग्रवाल, मोना खान आदि
मौजूद थीं।
एसएसपी और जिलाधिकारी नहीं पहुंचे दफ्तर
महिलाओं
के प्रदर्शन को देखते हुए एसएसपी और जिलाधिकारी दोनों ही गुरुवार को
अपने-अपने दफ्तर नहीं पहुंचे। प्रदर्शनकारी महिलाएं भी काफी देर तक एसएसपी
को मौके पर बुलाने की मांग करती रहीं, लेकिन वह नहीं आए। इधर, हंगामा बढ़ते
देख एसएसपी कार्यालय में मौजूद कर्मचारी भी कामकाज छोड़कर दफ्तर बंद करके
कार्यालय की छत पर खड़े गए। दोपहर एक बजे जब महिलाएं लौट गईं, तब दफ्तर
खुले।
पुरुषों ने संभाली महिलाओं के प्रदर्शन की कमान
प्रदर्शन
भले ही महिला मोर्चे का था, लेकिन इसकी कमान भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने
संभाली। महिलाओं को आगे कर यह नेता दिशा-निर्देश देते रहे। इस दौरान महानगर
कार्यवाहक अध्यक्ष गणेश चंद्र, अनिल चौधरी, दीपक खरे, राघवेंद्र मुदगल,
ललित चतुर्वेदी, कमल वाल्मीकि, अशफाक सैफी, विजय शिवहरे, शरद चौहान, भरत
शर्मा, विजय भदौरिया, सुमित उपाध्याय आदि मौजूद थे।
पुलिस पर लगाया पीटने का आरोप
प्रदर्शन
के दौरान पार्षद प्रेमा वर्मा ने पुलिसकर्मियों पर पीटने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि वह एसएसपी कार्यालय के गेट के पास खड़ी थीं, तभी
पुलिसकर्मियों ने उन्हें अंदर खींच लिया और पीटाई लगाई। उन्हाेंने पैर और
गले पर चोट के निशान भी दिखाए।
कुंडल लुट गए
प्रदर्शन में शामिल कुछ
महिलाओं ने दूसरी महिलाओं के सोने की चेन और कुंडलों पर ही हाथ साफ कर
दिए। वरिष्ठ नेत्री आशारानी बोहरा ने बताया कि महिलाएं जब कलेक्ट्रेट आ रही
थीं तो भीड़ में किसी ने उनके कुंडल खींच लिए। पीछे पलटकर भी देखा लेकिन
कुंडल खींचने वाली महिला का पता ही नहीं चला। वहीं, कुछ महिलाओं ने गले की
चेन तोड़ने की भी शिकायत की।