फिरोजाबाद। चूड़ी जुड़ाई, सधाई, छटाई एवं चकलाई के अलावा चूड़ी तोड़ा की ढुलाई करने वाले कांच श्रमिकों को शासन ने राहत दी है। 14 सितंबर 2020 में हुए त्रिपक्षीय समझौता के तहत बनी कमेटी के अनुमोदन के बाद शासन ने मई माह से चूड़ी जुड़ाई में संलग्न श्रमिकों को प्रति सैकड़ा तीन हजार रुपये की दरें निर्धारित की हैं।
लंबे समय से प्रति तोड़ा चूड़ी जुड़ाई की दरों में बढ़ोत्तरी की मांग कर रहे कांच श्रमिकों के मेहनताना में शासन ने छह सौ रुपये प्रति सैकड़ा तोड़ा की बढ़ोतरी की है। पूर्व में जुड़ाई व अन्य कार्य में संलग्न चूड़ी श्रमिकों को प्रति सैकड़ा 2400 रूपये मेहनताना दिया जा रहा था। शासन द्वारा निर्धारित नई दरों से स्थानीय कांच श्रमिकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। जानकारी के अनुसार विधायक सदर मनीष असीजा के प्रयास से गत 14 सितंबर 2020 को तत्कालीन जिलाधिकारी सेल्वा कुमारी जे. की मौजूदगी में हुई बैठक के दौरान उप श्रमायुक्त आगरा मंडल की अध्यक्षता में गठित कमेटी को प्रति वर्ष जुड़ाई श्रमिकों के मेहनताना पर विचार करने एवं पुनरीक्षण का अधिकार दिया गया है। कमेटी द्वारा करीब छह माह पूर्व जारी अनुमोदन के उपरांत शासन ने अब प्रति सैकड़ा चूड़ी तोड़ा की जुड़ाई दर तीन हजार रुपये करने गजट जारी किया है।
ठेकेदारी प्रथा पर लगेगा अंकुश
शासन द्वारा चूड़ी श्रमिकों के हित मे जारी निर्देशों का अक्षरश: पालन हुआ तो कारखानेदार के चहेते ठेकेदारों की मनमानी पर अंकुश लगेगा। शासन के निर्देशों के तहत अब जुड़ाई श्रमिकों को 13 रुपये प्रति तोड़ा, सधाई श्रमिकों को 8.50 रुपये, छटाई श्रमिकों को छह रुपये, चकलाई श्रमिकों को दो रुपये एवं चूड़ी पल्लेदारों को प्रति तोड़ा डेढ रुपये का मेहनताना निर्धारित किया गया है।
मनीष असीजा विधायक सदर
कांच चूड़ी श्रमिकों के मेहनताना में हुई बढ़ोत्तरी से फिरोजाबाद के कांच चूड़ी उद्योग जगत से जुड़े करीब तीन लाख श्रमिकों का सीधे लाभ होगा। इससे उनका पलायन भी रुकेगा।
अरुण कुमार सिंह सहायक श्रमायुक्त