विधायक डाॅ. जीएस धर्मेश।
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शहर में हाल के दिनों में बांग्लादेशी की गिरफ्तारी के मामलों के बीच छावनी क्षेत्र में कथित बांग्लादेशी नागरिकता की जांच फिर चर्चा में है। करीब छह महीने बीत जाने के बाद भी जिलाधिकारी की ओर से गठित जांच समिति अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं कर सकी है। जांच प्रक्रिया ठंडे बस्ते में पड़ी है और अब इस पर सवाल उठने लगे हैं।
छावनी परिषद क्षेत्र के बंगला नंबर 45 और 46 में रह रहे संदिग्ध परिवारों के बारे में छावनी विधायक डॉ. जीएस धर्मेश ने गत 6 जुलाई को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से शिकायत की थी। इसके बाद जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने 27 अगस्त को पांच सदस्यीय जांच समिति गठित की थी।
समिति में एसीएम तृतीय को अध्यक्ष नामित किया गया था, जबकि तहसीलदार सदर, चकबंदी अधिकारी, छावनी परिषद के अधीक्षक कुलविंदर सिंह और सहायक अध्यापक अविनाश पाठक को सदस्य बनाया गया था। पर समिति के नेतृत्व के लिए नामित एसीएम तृतीय की अब तक नियुक्ति नहीं हो सकी है। अध्यक्ष के अभाव में समिति की बैठकें नहीं हो पा रही हैं और जांच आगे नहीं बढ़ सकी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए छावनी परिषद की ओर से जिलाधिकारी को पत्र भेजा गया है। कार्यालय अधीक्षक कुलविंदर सिंह ने बताया कि पत्र में लिखा गया है कि समिति में एसीएम तृतीय की शीघ्र नियुक्ति की जाए, ताकि जांच प्रक्रिया आगे बढ़ सके।