शाम को करीब 4 बजे तेज बारिश हुई। इसी बीच बुलंद दरवाजा परिसर के अंदर जनाना रोजा का छज्जा गिर पड़ा। गनीमत रही कि छज्जा के नीचे कोई पर्यटक नहीं था। संरक्षण सहायक दिलीप सिंह ने बताया कि तेज बारिश के कारण जनाना रोजा का छज्जा गिर गया है। मरम्मत कराई जाएगी। मुख्यालय में भी इसकी जानकारी दे दी है।
संरक्षण में हो रही लापरवाही
मुगलकालीन 450 साल पुरानी ऐतिहासिक धरोहर के संरक्षण में लापरवाही बरती जा रही है। इसके जर्जर भवनों की मरम्मत नहीं की जा रही। इसके चलते पूर्व में भी कई बार पत्थर गिर चुके हैं। खासतौर पर महल परिसर और हिरन मीनार के बीच के हिस्से में स्मारकों का संरक्षण नहीं होने के चलते कई बार हादसे भी हो चुके हैं। यूनेस्को की विश्व धरोहर में शामिल फतेहपुर सीकरी के संरक्षण के बजाय एएसआई का पूरा ध्यान ताजमहल तक ही सिमट गया है। बता दें कि फतेहपुर सीकरी मुगल काल में अकबर की राजधानी रही थी।