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बंद हुए बाजार, मचा हाहाकार

Sat, 12 Nov 2016 01:01 AM IST
बंद हुए बाजार, मचा हाहाकार
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बंद हुए बाजार, मचा हाहाकार - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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नोट बैन से बाजार वैसे ही सूने पड़े थे। ऊपर से आयकर और वाणिज्य कर के छापों की अफवाह और फैल गई। बस फिर क्या था। धड़ाधड़ शटर गिरने शुरू हो गए। देखते ही देखते तमाम बाजार बंद हो गए। नतीजा, दवाइयों तक के लिए तरस गए लोग। शादियों पर भी असर पड़ा। सुबह से लाइन में लगकर जैसे तैसे पैसे जुटाए थे नए कपड़े खरीदने के लिए। शाम को बाजार पहुंचे तो दुकानों पर ताले लटके मिले।
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दोपहर को दो बजे अचानक से अफवाह फैली कि शहर में जगह-जगह आयकर के छापे पड़ रहे हैं। थोड़ी ही देर में वाणिज्य कर के छापों की अफवाह और जुड़ गई। इनसे दहशत फैल गई। छोटे से लेकर बड़े दुकानदार तक दुकान बंद करने लगे।
कई जगह तो अफरातफरी की स्थिति रही। दुकानदारों ने सामान उठाकर दुकान के अंदर फेंका और शटर लगा दिया। आधा घंटे में लगभग पूरे शहर के बाजार बंद हो गए। नमक की मंडी, हींग की मंडी, राजामंडी, किनारी बाजार, कमला नगर, बल्केश्वर, सिकंदरा, फव्वारा मार्केट सभी जगह सन्नाटा पसर गया। बाजार ही बंद नहीं हुए, व्यापारी घर भी चले गए।
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संजय प्लेस पर शाम को रौनक रहती है लेकिन यहां भी दुकानों पर ताले रहे। सोशल मीडिया पर छापों की फर्जी सूचना शेयर की गई। यहां तक बताया गया कि सराफा और पेठा कारोबारियों के यहां छापे पड़ रहे हैं। देर शाम सात बजे कमला नगर में अफवाह फैली कि वाणिज्य कर टीम सर्वे के लिए आई है। तब तक बाजार बंद हो चुका था।
अफवाहों के पीछे साजिश तो नहीं
आगरा। सबसे बड़ा सवाल यह कि छापों की अफवाह किसने फैलाई। क्यों यह एक साथ दो बजे ही फैली। सबसे पहले सराफा और दवा मार्केट ही क्यों बंद हुए। माना जा रहा है कि अफवाहों के पीछे कोई साजिश रही। कहीं ऐसा तो नहीं कि इस तरह आयकर और वाणिज्य कर अधिकारियों को मैसेज दिया गया हो कि अगर छापामारी की तो विरोध में पूरा शहर बंद हो जाएगा।

 अफवाहों पर ध्यान न दें व्यापारी
सराफा बाजार में आयकर और वाणिज्य कर के छापों की अफवाहें दौड़ी तो श्री सराफा कमेटी ने तत्काल बैठक बुलाई। अध्यक्ष मुरारी लाल फतेहपुरिया ने एडीशनल कमिश्नर से बात की तो पता चला कि कोई टीम नहीं आई है और न ही आएगी। बैठक में व्यापारियों से आह्वान किया गया कि वह ऐसी अफवाहों पर ध्यान न दें। बैठक में मोहन लाल अग्रवाल, राकेश मोहन, सुशीला चौहान, देवेंद्र गोयल, देवेंद्र दौनेरिया, राजेंद्र खेरली, महेंद्र जैन, मनोज गुप्ता, मुन्ना लाल शिवहरे, नीतेश अग्रवाल आदि मौजूद रहे।


नोट बंद करने के कारण बाजार में ग्राहक है नहीं। उस पर ऐसी अफवाहें फैलाई जा रही हैं। विभाग को कैश इन हैंड का ब्यौरा चाहिए तो व्यापारी दे देंगे, लेकिन भय का वातावरण न बनाया जाए
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टीएन अग्रवाल
अध्यक्ष, आगरा व्यापार मंडल
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