गवाही रामभरोसी नाम से अंगूठा लगाकर देता है। जमानत लाखन के नाम से हस्ताक्षर कर देता है। जबकि रामभरोसी की छह फरवरी 2012 में ही मौत हो गई। इस काम में प्रमोद, नारायन और अंकित उसका साथ देते हैं। एसीपी विनायक भोसले ने बताया कि केस दर्ज कर लिया गया है। साक्ष्य संकलन कर कार्रवाई की जाएगी।
ये भी पढ़ें - आगरा की नई टाउनशिप: सीएम योगी करेंगे अटल पुरम की लॉन्चिंग, तारीख हुई तय...सस्ते आवास का सपना होगा पूरा