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प्रेमी के दुश्मनों को फंसाने के लिए एक महीने से जाल बिछा रही थी छात्रा, पूछताछ में कई खुलासे

Fri, 06 Dec 2019 12:14 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
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सामूहिक दुष्कर्म के झूठे आरोप लगाने वाली छात्रा से पूछताछ करती पुलिस - फोटो : अमर उजाला
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हिस्ट्रीशीटर प्रेमी के चार दुश्मनों को फंसाने के लिए आगरा के ककरैठा निवासी बीए की छात्रा एक महीने से जाल बिछा रही थी। वो चारों से फोन पर बात कर उनके बारे में जानकारी लेती थी। प्रेमी ने दोस्त की मदद से चारों के फोटो खिंचवाकर उसे दे दिए थे, ताकि पहचान परेड में उन्हें पहचान सके। 
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छात्रा ने बुधवार को दोपहर दो बजे हाथरस के मेंडू गांव के ज्ञानेंद्र कुमार, गीतम सिंह, राजा उर्फ रोबिन और एक अज्ञात केखिलाफ अपहरण और सामूहिक  दुष्कर्म का केस दर्ज कराया था। रात 11 बजे यह खुलासा हो गया कि केस फर्जी है। 12 बजे छात्रा ने कबूल कर लिया कि प्रेमी अनिल के कहने पर उसने झूठी रिपोर्ट दर्ज कराई, उसे माफ किया जाए।

इसके बाद पुलिस ने हिरासत में लिए गए ज्ञानेंद्र कुमार, गीतम सिंह, राजा उर्फ रोबिन से पूछताछ की। उन्होंने बताया कि वे पहले से जानते थे कि उनके खिलाफ केस दर्ज कराने की साजिश तैयार हो चुकी है। युवती उन्हें फोन कर उनके बारे में जानकारी लेती थी।
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टूंडला में घर, पिता को बताती थी बैंककर्मी

ज्ञानेंद्र ने बताया कि पहली बार छात्रा का फोन एक महीने पहले आया था। उसने कहा, क्या आप मुझे जानते हो? मैंने जवाब दिया, नहीं। वो बोली, मैं तो आपको जानती हूं। इसके बाद बताया कि मैं टूंडला की हूं, पिता बैंक में है। 

इसके बाद वो उसे आए दिन फोन करने लगी। पूछती, क्या करते हो? कहां-कहां जाते हो? कभी टूंडला आते हो या नहीं। ऐसे सैकड़ों सवाल उसके पास होते थे। तब यह सोचा नहीं था कि वो उसे दुष्कर्म में फंसाने के लिए यह जानकारी ले रही है।

अनिल के फूफेरे भाई ने भेजे थे फोटो

अनिल अपने बुआ के बेटे के साथ रहता था। उसने उससे कहा कि तीनों (नामजद आरोपियों) के फोटो खींचकर लाए। राजेंद्र ने बताया कि उसकी परचून की दुकान है। अनिल की बुआ का लड़का कई बार आया। 

उसके जेब में मोबाइल फोन रखा होता था, कैमरा ऑन रहता था। शक होता था कि वो फोटो खींचकर ले जा रहा है। बाद में उसका अनिल से झगड़ा हो गया, तो उसने बताया कि तीनों को फोटो भेज चुका है, उन्हें दुष्कर्म के केस में फंसाने की तैयारी हो चुकी है।

कहा था- प्लान फुलप्रूफ है, पुलिस नहीं पकड़ पाएगी

पूछताछ में छात्रा ने पुलिस को पूरी साजिश के बारे में बताया। उससे मिली जानकारी के हवाले से पुलिस ने बताया कि छात्रा से अनिल ने कहा था कि प्लान फुलप्रूफ है, कोई दिक्कत नहीं आएगी। उसके कहे अनुसार ही वो सीधे थाने नहीं गई, यूपी-112 को फोन किया। वो काफी देर तक जमीन पर लेटी रही, ताकि कपड़ों पर धूल मिट्टी लग जाए और पुलिस को यकीन हो कि दु्ष्कर्म हुआ है।

राकेश बोपला की हत्या में दी थी गवाही

पुलिस ने बताया कि जिन तीन युवकों को सामूहिक दुष्कर्म में नामजद कराया गया, उनसे अनिल की पहले से रंजिश है। अनिल मेंडू गांव का है। नामजद कराए गए युवक भी इसी गांव के है। इसी गांव में पांच साल पहले 11 जून को राकेश बोपला की हत्या हुई थी। इसमें सात लोग नामजद कराए गए थे। 

इन तीनों युवकों ने क्राइम ब्रांच को बताया था कि नामजद आरोपी बेकुसूर हैं, हत्या अनिल, उसके चाचा और साथियों ने की है। इसके बाद पुलिस ने नामजदगी गलत बताकर अनिल और उसके साथियों पर केस खोल दिया था। तभी से अनिल रंजिश मानने लगा था। उन्होंने अनिल के खिलाफ कोर्ट में गवाही भी दी थी।
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आगरा से प्रेमी संग बाइक पर पचोखरा पहुंची थी छात्रा

बीए की छात्रा दुष्कर्म की रिपोर्ट दर्ज कराने से पहले प्रेमी अशोक के साथ बाइक पर थी। प्रेमी ने आगरा के खंदारी से ही उसे बाइक पर बिठाया था। इसके बाद पचोखरा ले गया था। 

वहां गढ़ी जोरी में मंदिर में छोड़ गया था। वहीं से छात्रा ने यूपी-112 को फोन किया था। पुलिस ने मोबाइल लोकेशन निकलवाई तो छात्रा और अनिल आगरा से गढ़ी जोरी तक साथ-साथ पाए गए।

आगरा रेंज के आईजी ए सतीश गणेश ने बताया कि पुलिस टीम ने बड़ी मेहनत कर यह खुलासा किया और साक्ष्य जुटाए। चार बेकुसूर युवक जेल जाने से बच गए।
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