सूबे के केबिनेट मंत्री आजम खान के शब्दबाणों से गवर्नर राम नाईक आहत हैं। ताजनगरी में आयोजित नेशनल जर्नलिस्ट मीट में शामिल होने आए गवर्नर ने कहा कि आजम खान उन पर टिप्पणी करके संविधान को चोट पहुंचा रहे हैं। यह मुख्यमंत्री को देखना चाहिए कि उनके मंत्री किस तरह का व्यवहार कर रहे हैं।
जर्नलिस्ट मीट के बाद पत्रकारों से रूबरू राज्यपाल राम नाईक ने कहा कि आजम ने जिस तरह का पत्र लिखा है, वह उचित नहीं है। उनके आरोपों में तथ्य नहीं हैं। उनकी हर एक बात का उत्तर देना भी उनके लिए न तो उचित है और न ही गरिमा के अनुरूप। वह संवैधानिक पद पर हैं, इसलिए आजम खान जो भी बोल रहे हैं, उसे मुख्यमंत्री देखना है, कार्रवाई करनी है। मंत्री की भूमिका, उन पर लगाम सभी कुछ मुख्यमंत्री को तय करना है। लोकायुक्त की नियुक्ति पर विवाद के सवाल पर राम नाईक ने कहा कि सरकार ने नए लोकायुक्त की नियुक्ति में देरी की है।
70 फीसदी खबरें अपराध से भरी
आगरा। अखिलेश सरकार को कानून व्यवस्था सुधारने के लिए कई बार कह चुके राज्यपाल ने कहा कि प्रदेश की कानून व्यवस्था में सुधार की जरूरत है। मुख्यमंत्री को ही यह प्रयास करने होंगे कि प्रदेश में अपराध पर रोक लगे। अखबारों में 70 फीसदी खबरें अपराध से ही जुड़ी हैं। जनता जानती है कि कानून व्यवस्था अच्छी है या खराब।