फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

क्रांतिकारियों ने उखाड़ दी थी पटरी, मालगाड़ी से लूटा था खजाना, परखम के युवाओं को मिली थी यातनाएं, पढ़िये क्रांति की कहानी

Sat, 15 Aug 2020 12:31 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा

सार

क्रांतिकारियों ने परखम पर पटरी उखाड़ लूट लिया था मालगाड़ी के खजाने को 
विज्ञापन
परखम रेलवे स्टेशन - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

अंग्रेजी शासनकाल में परखम और आसपास के गांवों के युवाओं को गर्म सलाखों से दाग कर यातनाएं दी गईं थीं। यहां के क्रांतिकारियों ने परखम के रेलवे स्टेशन की पटरियों को उखाड़ दिया था। उन्हें मिलीं यातनाओं की याद भले ही वर्तमान पीढ़ी को न हो, लेकिन आजादी पाने के लिए प्रखंड के क्रांतिकारियों ने बड़ा बलिदान दिया था।
विज्ञापन

 
फरह के गांव परखम में अंग्रेजों द्वारा दी गई यातनाओं की कहानी सुन रूह कांप जाती है। बात उन दिनों की है जब देश में अंग्रेज भारत छोड़ो आंदोलन की ज्वाला तेज हो गई थी, जगह-जगह आंदोलन हो रहे थे। स्वतंत्रता के इस आंदोलन में मथुरा भी सहभागिता कर रहा था।

इस दौरान आर्थिक तंगी से जूझ रहे क्रांतिकारियों को सूचना मिली कि अंग्रेज अफसर कानपुर से आगरा के लिए मालगाड़ी में वेतन के लिए खजाना लेकर आ रहे हैं। मालगाड़ी कानपुर-बरेली के रास्ते आगरा को जानी थी। 14 अगस्त 1942 की रात क्रांतिकारियों ने मालगाड़ी में खजाने को लूटने की योजना बनाई। इसके लिए गांव परखम को सुरक्षित माना।
विज्ञापन
Trending Videos
विज्ञापन

बड़ी संख्या में युवाओं को साथ लेकर क्रांतिकारियों ने रात 10 बजे रेलवे स्टेशन के पास पटरी उखाड़ दी। रात 12 बजे तक मालगाड़ी यहां से गुजरी। टूटी पटरी के कारण मालगाड़ी पलट गई। क्रांतिकारियों ने ग्रामीणों के साथ अंग्रेजों का खजाना लूट लिया। इसकी जानकारी जब मथुरा के कलक्टर को हुई तो सैनिकों के साथ वे गांव परखम पहुंचे। गांव से दर्जनों युवकों को गिरफ्तार कर लिया।

गांव का पुस्तकालय, डाकघर और पंचायत घर को आग लगा दी। घरों में घुस-घुस कर महिलाओं, पुरुषों को बेरहमी के साथ पीटा गया। अनेक लोग घरों को छोड़ कर भाग गए। पकड़े गए लोगों के नाखूनों को खींचा गया। उनके शरीर के अंगों को गर्म लोहे से जलाया गया। यातना का यह दौर गांव में दो माह तक चला।

स्वतंत्रता संग्राम सेनानी गोविंद राम के नाती ठाकुर बच्चू सिंह बोले, बाबा बताते थे कि ट्रेन पलटने पर हमें बहुत यातनाएं दी गई थीं। इसके चलते कुछ लोग तो गांव को ही छोड़कर चले गए थे।
 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें