दस से 14 अगस्त तक दनादन गिरफ्तारियां
लगातार बढ़ते आंदोलन को देखते हुए अंग्रेजों ने गिरफ्तारियों का सिलसिला भी तेज कर दिया। गुप्त बैठक स्थलों पर छापेमारी की गई। कांग्रेस के कई नेता गिरफ्तार किए। इतिहासकार बताते हैं कि दस से 14 अगस्त के बीच तमाम लोगों की गिरफ्तारियां हुईं। इनमें बाबूलाल मित्तल, रमेश दत्त पालीवाल, प्यारे लाल, तारा सिंह धाकरे, उल्फत सिंह निर्भय, प्रताप सिंह जादौन, डॉ. करन सिंह, नत्थीलाल शर्मा, रवि वर्मा, श्याम सुंदर शर्मा, ज्वाला प्रसाद, रमेेश शर्मा, मिट्ठूलाल शास्त्री, उमराव सिंह, नेपाल सिंह, सोहराब सिंह, श्याम बाबू शर्मा, सुरजीत पाल, जगजीत सिंह, बसंत लाल झा, गोपीनाथ शर्मा, मनोहर लाल शर्मा, गुरुदयाल सिंह, सोरन सिंह, मुकुट सिंह चौहान, गर्जन सिंह, गुरुदयाल आदि क्रांतिकारी शामिल थे।
पड़ोसी जिलों में भी भड़क उठा था आंदोलन
अंग्रेजों के जुल्म की कोई इंतहा न थी। हर ओर सायरन बजाती हुईं गाड़ियां दौड़ रही थीं। परशुराम की शहादत के बाद आगरा ही नहीं आसपास के अन्य जिलों में भी क्रांति की ज्वाला तेजी से भड़क उठी थी। पुलिस ने जिले की सीमाओं को सील कर दिया था। पब्लिक ट्रांसपोर्ट के पहिये भी थाम दिए गए थे।
- इमामुद्दीन कुरैशी, वयोवृद्ध क्रांतिकारी
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