कुलपति प्रो. आशु रानी ने बताया कि विश्वविद्यालय में भवन व अन्य निर्माण कार्यों में धांधली की शिकायतें मिली हैं। संबंधित इमारत के नोडल प्रभारी, इंजीनियरिंग सेल से बीते 10 साल में हुए निर्माण कार्य का ब्योरा जुटाया गया है।
डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय में 10 साल के दौरान हुए भवन निर्माण व मरम्मत कार्यों का लेखाजोखा तैयार हो गया है। इनका आंतरिक ऑडिट कराया जाएगा। कुलपति प्रो. आशु रानी ने बताया कि विश्वविद्यालय में भवन व अन्य निर्माण कार्यों में धांधली की शिकायतें मिली हैं। राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान (रूसा) और विश्वविद्यालय का बजट इन कार्यों में लगा है। ऐसे में संबंधित इमारत के नोडल प्रभारी, इंजीनियरिंग सेल से बीते 10 साल में हुए निर्माण कार्य का ब्योरा जुटाया गया है।
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इसमें योजना का नाम, निर्धारित बजट, किस वर्ष निर्माण शुरू हुआ, कितना कार्य बाकी है, कौन सी इमारत का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, कितनी हैंडओवर हुई हैं और कितनी हैंडओवर होनी हैं, भुगतान कितना हुआ, इनके बिल की क्या स्थिति है, इन सभी बिंदुओं पर रिपोर्ट बनवाई गई है। इसे मंगलवार को इमारत समिति की बैठक में रखा जाएगा, जहां एक-एक इमारत का आंतरिक ऑडिट कराकर रिपोर्ट शासन को भेजा जाएगा।
- संस्कृति भवन: ललित कला संस्थान को तोड़कर 40 करोड़ रुपये की लागत से इसका निर्माण हुआ। इस इमारत में करोड़ों रुपये के घोटाले का आरोप है।
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- शिवाजी मंडपम: इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के सामने बने 20 करोड़ रुपये के प्रेक्षागृह में अभी तक फर्नीचर की भी खरीद नहीं हो पाई है। खर्च दर्शा दिया गया है।
- लैब: खंदारी परिसर में इंस्टीट्यूट ऑफ बेसिक साइंस में बन रही 70 लाख रुपये की लैब में नक्शा ही स्वीकृत नहीं है, इस पर एडीए ने निर्माण कार्य रोका है।