शुक्रवार को वायरल हुआ ऑडियो
वह बातचीत के दौरान कह रहा है कि जेल में 15 हजार रुपये भिजवा दो। यहां मार पड़ रही है। परिवार के लोग उससे पूछ रहे हैं कि कौन रुपये मांग रहा है। इस पर वह बस एक ही बात कर रहा है कि जेल में रुपये जल्दी से भिजवा दो। मोबाइल में वॉयस रिकॉर्डर से ऑडियो रिकॉर्ड हो गया। यह शुक्रवार को सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
जिला जेल के अधीक्षक पीडी सलोनिया ने कहा कि मुलाकात बंद होने की वजह से बंदी ने परिवार के लोगों से जेल पीसीओ से बात की थी। ऑडियो के बारे में उससे पूछताछ की गई है। उसने कहा कि खर्च के लिए रुपये मांग रहा था। उसके साथ किसी ने पिटाई नहीं की है। उधर, प्रकरण में पीसीओ से बात कराने वाले कर्मचारी, डिप्टी जेलर से भी जवाब मांगा गया है। फिलहाल बंदी की पिटाई की बात सामने नहीं आई है।
कोरोना काल में मुलाकात बंद, पीसीओ से कर रहे बात
जेलों में निरुद्ध बंदियों की कोरोना संक्रमण की वजह से परिजनों से मुलाकात बंद हैं। इसलिए बंदी परिजनों से जेल पीसीओ से बात कर रहे हैं। जेल प्रशासन के मुताबिक, जेल में 19 पीसीओ लगे हुए हैं। यह निजी कंपनी की ओर से लगाए गए हैं। बंदियों से परिवार के दो व्यक्तियों के नंबर लिए जाते हैं।
उनका सत्यापन किया जाता है। इसके बाद ही बंदी की बात कराई जाती है। सप्ताह में पांच बार बात कराई जाती है। रोजाना पांच मिनट की बात की जा सकती है। काल दर एक रुपये प्रति मिनट के हिसाब से कंपनी खाते में जमा की जाती है। कोरोना काल में पीसीओ से बात करने वाले बंदियों की संख्या अधिक है।
जेल में मशक्कत के नाम पर रकम वसूली की चर्चा
जेल में बंदी के 15 हजार रुपये मांगने का ऑडियो वायरल होने के बाद मशक्कत के लिए वसूली की चर्चा है। अक्सर बंदी जेल में मशक्कत की शिकायत करते हैं। हालांकि जेल प्रशासन ने इस तरह की वसूली के आरोप को गलत बताया है। अक्सर बंदी कैंटीन खर्च के लिए रकम की मांग करते हैं।