श्याम बोहरा के घर के बाहर खड़े पुलिसकर्मी
- फोटो : अमर उजाला
आगरा की मंटोला थाना पुलिस ने रविवार शाम को सटोरिए श्याम बोहरा के ताजगंज की पंचवटी पार्श्वनाथ कॉलोनी स्थित घर की कुर्की की। वहां टीवी, फ्रिज, अलमारी रखे जाने के निशान तो थे लेकिन इनमें से कोई सामान नहीं था। पुलिस एक महीने तक कुर्की आदेश दबाए रही। माना जा रहा है कि इसी का फायदा उठाकर उसने सामान हटा लिया।
कुर्की की यह कार्रवाई उसकी पत्नी राखी वोहरा के फरार होने के कारण की गई है। श्याम बोहरा के खिलाफ पिछले साल जुलाई में छत्ता थाना में पुलिस पर हमले का केस दर्ज हुआ था। इसमें उसकी पत्नी राखी, मैच फिक्सिंग का आरोपी चंद्रेश जैन उर्फ जुपिटर भी नामजद है।
दोनों को पुलिस नहीं पकड़ पा रही है। अन्य नामजद आरोपियों में कमला नगर से शैलेष अग्रवाल और अंकित अग्रवाल हैं। ये दोनों और श्याम बोहरा जेल गए थे। इन्हें जमानत मिल गई थी।
चंद्रेश के घर का नहीं मिल रहा पता
इसी केस में फरार चल रहे मैच फिक्सर चंद्रेश जैन उर्फ जुपिटर फरार है। वह जयपुर का है, 2013 में मुंबई में मैच फिक्सिंग में पकड़ा गया था। सीओ छत्ता उदयराज सिंह का कहना है कि उसके घर का पता तसदीक नहीं हो पा रहा है। जल्द ही मालूम कर उसकी संपत्ति की भी कुर्की कराई जाएगी।
मैच फिक्सरों से जुड़े हैं बोहरा के तार
आईजी ए सतीश गणेश ने 15 दिन पहले टॉप टेन सटोरियों की जो सूची एसएसपी को सौंपी, इसमें श्याम बोहरा का नाम पहले नंबर पर है। वो क्रिकेट मैचों का बड़ा सटोरिया है। उसके तार बुकी और मैच फिक्सरों से भी जुड़े हैं। उसके खिलाफ चार केस दर्ज हैं।
नोएडा, देहरादून तक फैला नेटवर्क
श्याम बोहरा के खिलाफ चार केस आगरा में दर्ज हैं। दो मंटोला, एक एत्माद्दौला और एक छत्ता में है। इनके अलावा एक केस नोएडा का है। वह फ्लैट में सट्टा रैकेट चलाते पकड़ा गया था। देहरादून में भी उसके अड्डे बताए जाते हैं।
दस में से एक भी गिरफ्तार नहीं
आईजी रेंज ने दस सटोरियों की जो सूची एसएसपी को सौंपी थी, उनमें से पुलिस एक भी गिरफ्तार नहीं कर पाई है। इनमें श्याम श्याम अंकुश अग्रवाल, इमरान मंटोला, जौली, डीके, मोनू, स्वदेश वर्मा उर्फ गागा, प्रवीन के भी नाम है।