वर्ष 1963 में अलीगंज की जनसभा में अटल बिहारी वाजपेयी ने तत्कालीन विधायक लोकपाल सिंह चौहान को अपना गुरु बताकर संबोधन दिया। जनसंघ के राष्ट्रीय नेता की इस बात पर लोग हतप्रभ रह गए।
लोगों की उत्सुकता शांत करते हुए अटल जी ने एक संस्मरण सुनाते हुए कहा कि 1944 में जलेसर में आयोजित संघ के एक शिविर में विलंब से पहुंचे लोकपाल सिंह को सही समय पर आने की सीख दी।
इस पर लोकपाल सिंह ने देरी का कारण बताते हुए अटल जी के साथी संघ पदाधिकारी के व्यवहार पर आपत्ति जताई थी। अटल जी इनकी निर्भीकता से खुश हुए। और कहा कि आज उन्हें नई सीख भी मिली है। अटल जी की इस विनम्रता पर सभा में जमकर तालियां बजीं।