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जब अटल जी ने क्षेत्रीय विधायक को बताया गुरु, मंच पर मौजूद लोग हो गए थे हैरान

Fri, 17 Aug 2018 11:10 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला एटा
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फाइल फोटो
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वर्ष 1963 में अलीगंज की जनसभा में अटल बिहारी वाजपेयी ने तत्कालीन विधायक लोकपाल सिंह चौहान को अपना गुरु बताकर संबोधन दिया। जनसंघ के राष्ट्रीय नेता की इस बात पर लोग हतप्रभ रह गए। 
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लोगों की उत्सुकता शांत करते हुए अटल जी ने एक संस्मरण सुनाते हुए कहा कि 1944 में जलेसर में आयोजित संघ के एक शिविर में विलंब से पहुंचे लोकपाल सिंह को सही समय पर आने की सीख दी। 

इस पर लोकपाल सिंह ने देरी का कारण बताते हुए अटल जी के साथी संघ पदाधिकारी के व्यवहार पर आपत्ति जताई थी। अटल जी इनकी निर्भीकता से खुश हुए। और कहा कि आज उन्हें नई सीख भी मिली है। अटल जी की इस विनम्रता पर सभा में जमकर तालियां बजीं।
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बहुत मजबूत थी स्मरणशक्ति 

पूर्व विधायक रज्जनपाल सिंह चौहान के अनुसार अटल जी की स्मरणशक्ति बहुत मजबूत थी। वे दशकों पुराने संस्मरण याद रखते थे। रज्जनपाल ने बताया कि विधायक बनने के बाद जब वे अटल जी से मिलने दिल्ली स्थित आवास पर गए तो उन्होंने जिले के कई लोगों का नाम लेते हुए हालचाल पूछे। कुछ घटनाएं भी सुनाईं।

दिल्ली बुलाकर बंधाया ढांढस

राजनीतिक प्रतिद्वंदता के चलते 1974 में अलीगंज के पूर्व विधायक गेंदालाल गुप्ता पर हुए हमले के बाद उनकी दुकान में आग लगाने की घटना हुई थी। गुप्ता के अनुसार घटना के बाद अटल जी ने उन्हें दिल्ली बुलाकर ढाढस बंधाते हुए कहा कि हिम्मत रखो, अराजकता की उम्र अधिक नहीं होती। इतना ही नहीं मेरे सामने ही जिले के डीएम, एसएसपी से भी बात की।

1991 के विधानसभा चुनावों में अलीगंज आए अटल बिहारी वाजपेयी ने पार्टी प्रत्याशी गेंदालाल गुप्ता को बहादुर बताते हुए कहा कि गुंडों के आगे न झुकने वाले गेंदालाल गुप्त की बहादुरी शेर से कम नहीं है। 
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