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चार वर्ष के मासूम बेटे ने दी पिता को मुखाग्नि, हर किसी की आंखें हुईं नम

Fri, 17 Aug 2018 10:26 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला फिरोजाबाद
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चार साल के पुत्र ने दी पिता की चिता को मुखाग्नि - फोटो : अमर उजाला
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छत्तीसगढ़ के राजनंदगांव में गत दिनों मिले सिरसागंज के कठफोरी क्षेत्र के युवकों के शव 15 अगस्त की शाम घर आए तो परिवार में कोहराम मच गया। तीनों के शवों का अंतिम संस्कार उनके पैत्रक गांव में किया गया। चार वर्षीय बेटे ने पिता की चिता को जब मुखाग्नि दी तो हर किसी के आंखे नम हो गई।  
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देश में आजादी का जश्न मन रहा था। इसी दौरान जिले के कठफोरी क्षेत्र के तीन युवकों के घरों पर शवों के आने का परिजन इंतजार कर रहे थे। चार अगस्त को अंजू बघेल के ट्रक को लेकर दिनेश बघेल, राजकिशोर एवं संजू बघेल गाजियाबाद से मैटी लेकर साथ गए थे। 

सात अगस्त तक ही इन्हें रायपुर में बालाजी एंटरप्राइजेज पर पहुंचना था। लेकिन नहीं पहुंचने पर परिवारीजनों को चिंता हुई थी। रायपुर जिले के थाना लालबाग क्षेत्र के राजनंदगांव में दफनाए गए शवों को बाहर निकालने के बाद परिजन लेकर वहां से चले थे। 
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परिवारों में मचा कोहराम

लाशें आते ही रो पड़ा पूरा गांव - फोटो : अमर उजाला
15 अगस्त की शाम को ताबूत में रखे शवों को लेकर तीनों के घर पहुंचे तो परिवार में कोहरान मच गया। कठफोरी के निवासी दिनेश बघेल का शव को देखकर पत्नी कुमकुम तो अचेत हो गई। परिवारीजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। 

मुखाग्नि दनिश के चार वर्षीय बेटा मयंक ने दी तो हर कोई बिलखने लगा। दिनेश बघेल पर मयंक चार वर्ष एवं बेटी राधा (15 दिन) है। संजू का शव घर पहुंचा तो उसके परिजना बिलख पड़े। कई दिन पुराने शव होने के कारण ही उनको ताबूत में रखा था। 

पत्नी विमलेश देवी एवं बेटी अनमोल (दस) एवं दो बेटे दीपक एवं दीपांशु हैं। इसके ही साथ तीसरे मृतक रामकिशोर के शव को सिरसागंज से सीधे उसके पैत्रक गांव शेखूपुर ले जाकर अंतिम संस्कार किया गया। मुखाग्नि उसके बड़े भाई ने दी।
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