आगरा। 30 साल पहले ड्राइविंग लाइसेंस बनवाते समय जन्मतिथि गलत दर्ज करा दी। अब 52 वर्ष की उम्र में लाइसेंस नवीनीकरण का समय आया तो जन्मतिथि परिवर्तन की याद आ गई। संभागीय परिवहन विभाग कार्यालय में लाइसेंस नवीनीकरण प्रक्रिया में बदलाव के बाद ऐसे कई मामले आ रहे हैं। लखनऊ से बदलाव होने के कारण दिक्कत खड़ी हो रही है। अब जल्द ही संशोधन कराने की प्रक्रिया ऑनलाइन कराने की तैयारी है।
एक माह पहले ही आरटीओ में ड्राइविंग लाइसेंस नवीनीकरण की प्रक्रिया में बदलाव किया गया है। अब नवीनीकरण के लिए दस्तावेज लखनऊ भेजे जा रहे हैं और वहीं से आगे की प्रक्रिया की जा रही है, जबकि पहले यह कार्य स्थानीय स्तर से हो जाता था। साथ ही पुराने लाइसेंस में किसी भी तथ्य जन्मतिथि, नाम, वल्दियत आदि में संशोधन जैसे कार्य भी वहीं से किए जा रहे हैं। पहले ड्राइविंग लाइसेंस की वैधता 15 से 20 साल तक होती थी। ऐसे में कई लोग 15 या 20 साल बाद नवीनीकरण कराने पहुंचते हैं तो उन्हें कई दिनों चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
आरटीओ से कहा गया, लखनऊ चले जाओ
राजपुर चुंगी निवासी 52 वर्षीय हेतराम गुप्ता ने लाइसेंस नवीनीकरण के लिए दस्तावेज जमा किए, तो उनके आधार कार्ड से जन्मतिथि भिन्न थी। इस पर परेशानी खड़ी हो गई। ऐसी स्थिति अर्जुन नगर के जगत कुमार के साथ हुई। उनको भी लाइसेंस नवीनीकरण के समय जन्मतिथि ठीक करानी है। लखनऊ से प्रक्रिया होने की वजह से आरटीओ कार्यालय से अधिक मदद नहीं मिल पा रही है। आरआई संजीव सिंह ने बताया कि ड्राइविंग लाइसेंस नवीनीकरण के समय लोगों को जन्मतिथि ठीक कराने की याद आती है। उससे पहले कोई आवेदन नहीं करता है। लखनऊ से काम होने की वजह दिक्कत खड़ी हो रही है।
आधार की तरह सुविधा देने की तैयारी
संभागीय परिवहन विभाग के अधिकतर कार्य शासन के स्तर से ऑनलाइन किए जा रहे हैं। इसकी वजह लोगों को आरटीओ कार्यालय के चक्कर न काटने पड़े। आरटीओ अधिकारियों का कहना है ड्राइविंग लाइसेंस में भी जन्मतिथि में संशोधन ऑनलाइन करने की तैयारी है। जैसे आधार कार्ड में दो बार खुद जन्मतिथि ठीक कर सकते हैं, वैसे ही ड्राइविंग लाइसेंस में कर सकेंगे।