कासगंज जनपद में गुरुवार की सायं एक दमा रोगी की मौत हो गई। परिवार ने ऑक्सीजन की कमी के चलते मौत का आरोप लगाया है। मरीज गंभीर अवस्था में अशोक नगर के स्वास्थ्य केंद्र पर आया था। जहां से उसे अलीगढ़ के लिए रेफर किया गया। एंबुलेंस से मरीज को अलीगढ़ ले जाया जा रहा था। तभी रास्ते में उसकी मौत हो गई। मृतक के भाई का आरोप है कि एंबुलेंस के ऑक्सीजन सिलिंडर में ऑक्सीजन खत्म हो गई थी। चालक वापस एंबुलेंस लेकर आए और फरार हो गए। सीएमओ मामले की जांच करा रहे हैं।
बताया गया है कि नंद किशोर (27) पुत्र महेश चंद्र निवासी गांव गडांपुरा न्यौली की सांस उखड़ रही थी और उसका ऑक्सीजन लेवल लगातार कम हो रहा था। नंद किशोर को अशोक नगर के चिकित्सालय लाया गया। जहां ऑक्सीजन लेवल कम देखते हुए चिकित्सकों ने उसे अलीगढ़ के लिए रेफर कर दिया। 108 एंबुलेंस सेवा से उसे अलीगढ़ ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। मृतक के भाई अवधेश का आरोप है कि एंबुलेंस स्टाफ की लापरवाही से नंदकिशोर की मौत हो गई। अवधेश ने बताया कि एंबुलेंस से ले जाते समय दस मिनट बाद ही ऑक्सीजन बंद हो गई। जबकि एंबुलेंस के स्टॉफ से ऑक्सीजन के बारे में पूछा तो उसने बताया कि ऑक्सीजन पूरी उपलब्ध है। यदि पहले ही स्टाफ बता देता तो शायद भाई की जान बच जाती। अवधेश ने एंबुलेंस स्टाफ पर 1200 रुपये मांगने का भी आरोप लगाया। युवक की मौत से परिवार में कोहराम मचा हुआ है। सीएमओ डॉ. अनिल कुमार मामले की जांच करा रहे हैं।
अधिकारी बोले पूरी थी ऑक्सीजन
मुख्य चिकित्सा अधिकारी अनिल कुमार ने बताया कि मृतक युवक दमा श्वांस का रोगी था। वह काफी गंभीर स्थिति में अस्पताल आया था। उसका ऑक्सीजन लेवल काफी कम था। एंबुलेंस में ऑक्सीजन पूरी थी। ऑक्सीजन की कमी से युवक की जान नहीं गई है। फिर भी मामले की जांच कराई जा रही है। एंबुलेंस संचालन के प्रबंधक से जानकारी मांगी गई है।
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