बटेश्वर मे एकादशी परिक्रमा मे कीचड मिट्टी जलभराव से गुजरते परिक्रमार्थी बटेश्वर तीर्थ परिक्रमा
बटेश्वर। तीर्थ धाम बटेश्वर में एकादशी पर रविवार को जनकल्याण, प्रदूषण मुक्ति और पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से संतों ने सप्तकोसीय पदयात्रा निकाली। परिक्रमार्थी साधु-संतों को कीचड़ और जलभराव से होकर गुजरना पड़ा। इस पर संतों ने रोष प्रकट किया।
संत बाबा सियाराम दास की अगुआई में पदयात्रा सुबह 8 बजे उनके जग्गा आश्रम से आरंभ हुई। पदयात्रा मुख्य महादेव मंदिर, शौरीपुर, राजमाता, वनखंडेश्वर और दद्दा आश्रम होते हुए हनुमान गढ़ी आश्रम पहुंची, जहां संतों ने भजन-कीर्तन किया। इसके बाद यात्रा मनमथ मंदिर से होते हुए वापस बाबा सियाराम आश्रम पहुंचकर संपन्न हुई, जहां सभी श्रद्धालुओं को भोजन प्रसाद वितरित किया गया। पदयात्रा के दाैरान हर-हर महादेव और ''''बम-बम भोले के जयकारों से पूरा परिक्रमा मार्ग गूंज उठा। जगह-जगह ग्रामीणों द्वारा पुष्पवर्षा कर यात्रा का भव्य स्वागत किया गया। पदयात्रा में बाबा जानकीदास, बाबा राधिका नंद, प्रेमदास, गोपालदास, कृष्णादास, सोनपाल, श्यामदास, कैलाश गिरी, रामबिलास और बटेश्वरीनाथ समेत कई संत शामिल हुए।
बाबा सियारामदास ने उठाई परिक्रमा मार्ग पर सफाई की मांग
पदयात्रा के संयोजक बाबा सियाराम दास ने रोष व्यक्त करते हुए बताया कि वे यह यात्रा बीते 18 वर्षों से निकालते आ रहे हैं, लेकिन तहसील प्रशासन की ओर से परिक्रमा मार्ग की सफाई नहीं कराई जाती है। मार्ग पर पेयजल और अस्थाई शौचालयों की व्यवस्था न होने के कारण विशेषकर महिलाओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।