शारदीय नवरात्र शनिवार से शुरू हो गए। इसी के साथ खरीदारी का भी महाकुंभ शुरू हो जाएगा। आगरा में ऑटो मोबाइल, सराफा, इलेक्ट्रॉनिक, किराना, पेठा कारोबार में अनुमानित 500 करोड़ से भी ज्यादा की खरीदारी होने की उम्मीद है। कारोबारियों को त्योहार से साथ ही सहालग का भी कारोबार मिलने वाला है।
बाजार नवरात्र के रंग में रंग चुका हैं। त्योहार की तैयारियों के लिए ग्राहकों का रुख बाजार की तरफ तेजी से बढ़ने लगा है। ग्राहकों के हुजूम को देखकर व्यापारियों का कहना है कि त्योहारी सीजन में इस तरह की खरीदारी से उम्मीद लगाई जा सकती है कि दीपावली पर और भी ज्यादा खरीदारी हो सकती है। इधर, माता रानी के लिए लहंगा, चुन्नी व अन्य शृंगार का सामान बिकना शुरू हो गया है।
ग्राहक पांच-पांच डिब्बे ले जा रहे
शहीद भगत सिंह पेठा कुटीर एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेश अग्रवाल ने कहा कि नवरात्र में औसतन 18 करोड़ का पेठा और पांच करोड़ का नमकीन बिकने की उम्मीद है। अभी से एक-एक ग्राहक द्वारा उपवास के लिए पांच पांच डिब्बे तक लिए जा रहे हैं।
दुकानों पर भीड़ आनी शुरू हुई
आगरा किराना संघ के उपाध्यक्ष अतुल बंसल ने कहा कि त्योहार में किराना कारोबार को 25 करोड़ का व्यापार होने की उम्मीद है। बीते वर्ष यह आंकड़ा करीब 22 करोड़ था। मेवा और मसाले की दुकानों पर भीड़ आनी शुरू हो गई है।
त्योहार को देखते हुए बाजार में रौनक
श्री सराफा एसोसिएशन के अध्यक्ष नितेश अग्रवाल ने कहा कि त्योहार और सहालग को देखते हुए बाजारों में रौनक है। सोना-चांदी मिलाकर औसतन 250 करोड़ रुपये का कारोबार होने की उम्मीद है। हालांकि बीते वर्ष की तुलना में यह आंकड़ा 275 करोड़ था।
पिछले साल हुआ था 2.5 करोड़ का कारोबार
आगरा पोशाक एसोसिएशन के अध्यक्ष पंकज मिश्रा ने कहा कि नवरात्र पर शहर भर से अनुमानित पांच करोड़ का कारोबार होने की अनुमान है। बीते वर्ष औसतन 2.5 करोड़ का कारोबार हुआ था। माता की चुनरी से लेकर सिहांसन तक की शानदार मांग है।
2600 वाहन बिकने का अनुमान
आगरा ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन के संस्थापक मयूर बंसल ने कहा कि नवरात्र से ऑटोमोबाइल सेक्टर के अच्छे दिन की शुरूआत होनी मानी जाती है। चारपहिया और दोपहिया मिलाकर 2600 वाहन बिकने का अनुमान है। इसकी कीमत करीब 75 करोड़ रुपये है। 2500 वाहन की बुकिंग हो चुकी है।
सबसे अधिक एलईडी टीवी की मांग
इलेक्ट्रॉनिक एसोसिएशन के विनय मित्तल ने कहा कि कंप्यूटर और स्मार्टफोन मिलाकर इलेक्ट्रॉनिक कारोबार को औसतन 150 करोड़ रुपये का कारोबार होने का अनुमान है। सबसे अधिक एलईडी टीवी की मांग बनी हुई है।